“ईरान जंग नहीं रुकेगी! अमेरिकी सीनेट ने युद्ध रोकने का प्रस्ताव ठुकराया”
युद्ध छठे दिन भी जारी, मिसाइल-ड्रोन हमलों से मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
मुनादी लाइव : अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का सिलसिला गुरुवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया है। युद्ध के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। एक तरफ अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ ईरान भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
इसी बीच इस युद्ध को लेकर अमेरिका में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
अमेरिकी सीनेट में खारिज हुआ युद्ध रोकने का प्रस्ताव
अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई को सीमित करने के लिए लाया गया “वॉर पावर्स प्रस्ताव” वोटिंग में खारिज हो गया। यह प्रस्ताव ट्रंप की सैन्य मुहिम “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को रोकने या सीमित करने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन बहुमत ने इसे अस्वीकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट में यह प्रस्ताव लगभग 53-47 मतों से पराजित हो गया, जिससे ट्रंप प्रशासन की सैन्य कार्रवाई को जारी रखने का रास्ता साफ हो गया।
इस फैसले के बाद यह संकेत मिला है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई फिलहाल जारी रह सकती है और संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।
अमेरिकी हमले में डूबा ईरानी युद्धपोत
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि एक अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास ईरानी नौसेना के फ्रिगेट IRIS डेना को डुबो दिया। इस हमले में जहाज पर सवार लगभग 87 ईरानी सैनिकों की मौत हो गई। 32 नाविकों को बचा लिया गया है जबकि कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
तेहरान में धमाके, इजराइल ने किए हमले
ईरान की राजधानी तेहरान में बुधवार सुबह कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक ये हमले सुबह-सुबह हुए। इजराइल ने दावा किया है कि उसने तेहरान में ईरानी सुरक्षा बलों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई एयर स्ट्राइक किए।
दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
500 मिसाइल और 2000 ड्रोन लॉन्च
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक ईरान अब तक 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 2000 ड्रोन लॉन्च कर चुका है। इससे पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर असर, तेल 82 डॉलर पार
युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर मूवमेंट पर कड़े नियंत्रण के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। यह युद्ध शुरू होने के बाद करीब 13% की बढ़ोतरी है और जुलाई 2024 के बाद तेल की सबसे ऊंची कीमत मानी जा रही है।
वैश्विक बाजारों में गिरावट
तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध के बढ़ते खतरे से वैश्विक शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा चला तो दुनिया की अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मुनाफे पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हजार से ज्यादा लोगों की मौत
रिपोर्टों के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक ईरान में करीब 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई शहरों से बड़े पैमाने पर पलायन की खबरें भी सामने आ रही हैं। मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह संघर्ष और बड़ा क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है।








