केंद्र सरकार झारखंड से कर रही भेदभाव, भाजपा शासित राज्यों को मिल रहा विशेष लाभ : विनोद पांडे
रिपोर्ट : नीरज सिंह, मुनादी Live
बोकारो: रांची से धनबाद जाने के क्रम में बोकारो के नया मोड़ स्थित बिरसा चौक पर कुछ देर के लिए रुके विनोद पांडे, झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव, ने केंद्रीय बजट और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ खुला भेदभाव कर रही है और इसका सबसे बड़ा शिकार झारखंड बन रहा है।
विनोद पांडे ने कहा कि जब भी देश के विकास, बजट आवंटन या केंद्रीय योजनाओं की बात आती है, झारखंड को जानबूझकर हाशिये पर डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का रवैया यह दर्शाता है कि वह केवल भाजपा शासित राज्यों को प्राथमिकता देती है, जबकि झारखंड जैसे राज्यों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र में सरकार बनती है, तो उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी होती है कि वह सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करे। “केंद्र सरकार को यह समझना चाहिए कि झारखंड भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। यहां के लोगों ने भी देश के विकास में अपना योगदान दिया है, लेकिन इसके बावजूद हर बजट में झारखंड को नजरअंदाज किया जाता है,” उन्होंने कहा।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार झारखंड सरकार को दबाने और राज्य की आवाज को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि झारखंड की जनता और यहां की सरकार किसी भी दबाव के आगे न झुकी है और न झुकेगी।
विनोद पांडे ने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है। “झारखंड न झुकेगा, न बिकेगा और न ही अपने स्वाभिमान से समझौता करेगा,” उन्होंने कहा।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि झारखंड के साथ हो रहे भेदभाव को तुरंत बंद किया जाए और विकास योजनाओं, बजट आवंटन तथा नीतिगत फैसलों में राज्य को उसका न्यायसंगत अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाता रहेगा।







