पाकुड़ में भव्य दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला, 329 युवाओं को मिला रोजगार
पाकुड़ : झारखंड के पाकुड़ जिले में शुक्रवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हुआ। बाजार समिति परिसर में आयोजित इस मेले में जिले और आसपास के सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में कुल 887 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 329 अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों में किया गया। इसके अतिरिक्त 298 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिन्हें आगामी चरण में नियुक्ति का अवसर मिलेगा।
विधायक और उप विकास आयुक्त ने बांटे नियुक्ति पत्र
मेले के दौरान पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम और उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने चयनित युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में राजेडी जिला अध्यक्ष महावीर मड़ैया, राजेडी सचिव रंजीत कुमार सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष, तथा जिला नियोजनालय पदाधिकारी राहुल कुमार भी उपस्थित थे।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह के रोजगार मेले न केवल स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दी शुभकामनाएँ
उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेले में शामिल युवाओं को संबोधित करते हुए कहा —
“निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं। जरूरत है केवल अपने कौशल और आत्मविश्वास को विकसित करने की। कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। कंपनियों से भी अपेक्षा है कि वे स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दें।”

युवाओं के कौशल और योग्यता पर जोर
उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया ने कहा कि इस रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता और अभिरुचि के अनुसार अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रत्येक कंपनी के स्टॉल पर जाकर अपना बायोडाटा और प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे उन्हें अपने मनपसंद रोजगार का अवसर मिल सके।
विधायक निसात आलम ने युवाओं का बढ़ाया मनोबल
विधायक निसात आलम ने मेले में मौजूद युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
“ऐसे रोजगार मेले झारखंड के युवाओं के लिए नई दिशा खोलते हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार से पलायन कम होगा और महिलाएं भी अब इन अवसरों का लाभ उठा सकेंगी।”
उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और अन्य युवाओं से कहा कि वे अपने कौशल में निरंतर सुधार लाएं।

887 में से 329 को मिली नौकरी, 23 कंपनियों ने लिया भाग
इस रोजगार मेले में कुल 23 नियोजकों ने भाग लिया। इनमें कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियाँ शामिल थीं, जिन्होंने उत्पादन, सुरक्षा, मार्केटिंग, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में युवाओं को अवसर प्रदान किए। 887 अभ्यर्थियों में से 329 का चयन विभिन्न पदों पर किया गया, जबकि 298 को अगली प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। कार्यक्रम में आठवीं पास से लेकर स्नातक उत्तीर्ण तक के उम्मीदवारों ने भाग लिया, जो मेले की विस्तृत भागीदारी और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जिला नियोजनालय के पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि आने वाले महीनों में भी इसी तरह के क्षेत्रीय रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि “स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को भी प्रेरित किया जा रहा है कि वे जिला स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दें।”

आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में एक मजबूत कदम
दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड सरकार की युवाओं को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुका है। यह मेला न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर देता है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में अग्रसर करता है।

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में इस तरह के प्रयास युवाओं में रोजगार-संवेदनशीलता और कौशल उन्नयन की संस्कृति को प्रोत्साहित कर रहे हैं।








