ACB ने IAS अमित कुमार को फिर भेजा नोटिस, झारखंड शराब घोटाले की जांच में तेजी
Ranchi : झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को IAS अमित कुमार, जो फिलहाल कमर्शियल टैक्स कमिश्नर हैं और पहले उत्पाद विभाग में आयुक्त रह चुके हैं, को एक बार फिर पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। एसीबी ने उन्हें मंगलवार को मुख्यालय बुलाकर विस्तृत पूछताछ में शामिल होने का निर्देश दिया है।
अमित कुमार से पिछले सप्ताह भी एसीबी पूछताछ कर चुकी है। उनसे पहले एसीबी IAS मुकेश कुमार, मनोज कुमार और जमशेदपुर के डीसी कर्ण सत्यार्थी से भी पूछताछ कर चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसी घोटाले की हर परत को विस्तार से खंगाल रही है।
फर्जी बैंक गारंटी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जांच के दौरान एसीबी को यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि जब अमित कुमार उत्पाद आयुक्त थे, तब शराब आपूर्ति से जुड़ी Vijon और Marsan नामक दो कंपनियों में से एक की बैंक गारंटी फर्जी पाई गई थी। इसके बावजूद विभाग स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो अब जांच का केंद्रीय बिंदु बना हुआ है।
38.44 करोड़ का घोटाला—कहां हुई चूक?
एसीबी ने शराब घोटाले में पूर्व सचिव विनय चौबे समेत 13 अधिकारियों और व्यक्तियों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर के अनुसार,फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियों की बैंक गारंटी की जांच नहीं करने के कारण 38.44 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। इसी लापरवाही और संभावित मिलीभगत के बिंदुओं पर अब एसीबी तेजी से तथ्य जुटा रही है।
जांच का दायरा बढ़ रहा है
पूछताछ की श्रृंखला से स्पष्ट है कि एसीबी विभिन्न स्तरों पर लिए गए निर्णयों, बैंक गारंटी सत्यापन प्रक्रियाओं और शराब आपूर्ति प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों का विस्तृत ऑडिट कर रही है। अमित कुमार से मंगलवार की पूछताछ इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उनसे विभागीय प्रक्रियाओं, निर्णयों और दस्तावेजों की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
झारखंड का यह शराब घोटाला राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक जांचों में से एक बन चुका है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।







