बिहार चुनाव 2025: दूसरे चरण का प्रचार आज शाम 6 बजे थमेगा
अब मतदाताओं की बारी — 20 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान
राजनीतिक ब्यूरो रिपोर्ट : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का शोर रविवार शाम 6 बजे थम जाएगा। इसके साथ ही अब राज्य की जनता की बारी है — जो तय करेगी कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ जाएगी।
इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। चुनावी मैदान में कुल 1302 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं — जिनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर उम्मीदवार शामिल हैं।
दो दिन बाद मतदान — अब मैदान मतदाताओं के हाथ
दूसरे चरण के मतदान के लिए 11 नवंबर (मंगलवार) को वोट डाले जाएंगे। इन सीटों में 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
इस चरण में कुल 3.70 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे — जिनमें 1,95,44,041 पुरुष, 1,74,68,572 महिलाएं, और 943 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, औसतन हर बूथ पर 815 मतदाता वोट डालेंगे।
प्रचार का अंतिम दौर — दिग्गजों ने झोंकी पूरी ताकत
प्रचार के आखिरी दिन बिहार की सियासी सरज़मीं पूरी तरह गरम रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, इंडिया गठबंधन के संयोजक तेजस्वी प्रसाद यादव, और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी-अपनी पार्टियों के प्रत्याशियों के समर्थन में जमकर सभाएं कीं।
जहां एक ओर एनडीए ने “विकास और स्थिरता” के नाम पर वोट मांगे, वहीं इंडिया गठबंधन ने “रोज़गार, महंगाई और किसान” को बड़ा मुद्दा बनाया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह चरण दोनों गठबंधनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
कहाँ और कितने उम्मीदवार मैदान में
इस चरण में सबसे अधिक 22-22 प्रत्याशी वाले तीन विधानसभा क्षेत्र हैं —चैनपुर (कैमूर), सासाराम (रोहतास), गया शहर (गया). वहीं सबसे कम, केवल 5-5 उम्मीदवारों वाले छह विधानसभा क्षेत्र हैं — लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली, त्रिवेणीगंज और बनमनखी।
मतदान केंद्रों की पूरी व्यवस्था
दूसरे चरण में कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं — शहरी क्षेत्र में 5326 बूथ, ग्रामीण क्षेत्र में 40,073 बूथ शामिल हैं। इनमें से 595 बूथ पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित, 91 बूथ दिव्यांग संचालित, और 316 मॉडल बूथ बनाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है।
मतदाता संख्या के लिहाज से प्रमुख विधानसभा क्षेत्र
- सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र: हिसुआ (3,67,667 मतदाता)
- सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र: मखदुमपुर (2,47,574 मतदाता)
हर सीट पर दो लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और सहायता केंद्रों की व्यवस्था भी की है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
चुनाव आयोग ने इस चरण में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है। सभी जिलों में सीआरपीएफ, बीएमपी और स्थानीय पुलिस बल संयुक्त रूप से गश्त कर रहे हैं। विशेष निगरानी दल (Flying Squads) और वीडियो सर्विलांस टीमें भी सक्रिय हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
जनता की निगाहें अब 11 नवंबर पर
दूसरे चरण के मतदान के बाद राज्य के कुल 243 में से 122 सीटों का भविष्य तय हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यही चरण यह संकेत देगा कि बिहार की जनता किस दिशा में राजनीतिक फैसला ले रही है। राजनीतिक गर्मी अपने चरम पर है और अब सबकी निगाहें 11 नवंबर की सुबह 7 बजे से शुरू होने वाले मतदान पर टिकी हैं।
बिहार का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की लड़ाई नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और राजनीतिक स्थिरता की परीक्षा भी है। अब वक्त है कि मतदाता तय करें —
“कौन करेगा बिहार का भविष्य उज्जवल, और कौन रहेगा अतीत की राजनीति में उलझा?”








