राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी को लेकर सियासत तेज, भाजपा का कांग्रेस विधायक अनूप सिंह पर पलटवार
रांची: झारखंड की राजनीति में राष्ट्रपति को लेकर दिए गए बयान पर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक अनूप सिंह के कथित बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह पूरे आदिवासी समाज का अपमान भी है।
आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा
समीर उरांव ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं और वे देश के आदिवासी समाज की गौरवशाली पहचान का प्रतीक भी हैं। ऐसे में उनके प्रति अनादरपूर्ण टिप्पणी करना देश की गरिमा और आदिवासी समाज दोनों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या एक आदिवासी महिला का देश के सर्वोच्च पद पर होना विपक्षी गठबंधन को स्वीकार नहीं हो रहा है।
इंडी गठबंधन पर साधा निशाना
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की मानसिकता इस पूरे प्रकरण से उजागर होती है। उन्होंने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रपति के कार्यक्रम से जुड़े मामलों में लापरवाही सामने आई और अब कांग्रेस विधायक का बयान उसी सोच को दर्शाता है।
समीर उरांव ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं या नहीं।
माफी की मांग
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद और उस पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति सम्मान बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष ने मांग की कि कांग्रेस विधायक अनूप सिंह अपने बयान के लिए देश और आदिवासी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
उन्होंने कहा कि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ऐसी मानसिकता का कड़ा विरोध करता है और राष्ट्रपति के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।








