बोकारो थर्मल पर संकट के बादल, ऐश ट्रांसपोर्टिंग नहीं हुई तो 500 MW प्लांट हो सकता है बंद

Bokaro Thermal

निरीक्षण में भड़के DVC के एडिशनल डायरेक्टर पीपी साह, 14 दिन की अल्टीमेटम

Bokaro Thermal (Jharkhand): दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के बोकारो थर्मल पावर प्लांट पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडराने लगा है। डीवीसी मुख्यालय कोलकाता से आए एडिशनल डायरेक्टर (ऑपरेशन) पी.पी. साह ने बोकारो थर्मल पावर प्लांट और ऐश पॉन्ड का निरीक्षण किया, जहां स्थिति को देखकर उन्होंने गहरी चिंता जाहिर की। निरीक्षण के दौरान यह साफ हुआ कि यदि जल्द ऐश ट्रांसपोर्टिंग शुरू नहीं हुई, तो 500 मेगावाट क्षमता वाला यह अहम पावर प्लांट बंद करना पड़ सकता है।

चार महीने से ठप है ऐश ट्रांसपोर्टिंग
निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पीपी साह ने बताया कि बोकारो थर्मल के ऐश पॉन्ड से राख (ऐश) की ट्रांसपोर्टिंग पिछले करीब चार महीनों से पूरी तरह ठप है। कभी स्थानीय आंदोलन, तो कभी ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह काम बाधित होता रहा है। इसका सीधा असर ऐश पॉन्ड की क्षमता पर पड़ा है, जो अब पूरी तरह भर चुका है।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि ऐश ट्रांसपोर्टिंग तत्काल शुरू नहीं की गई, तो प्लांट को मजबूरन बंद करना पड़ेगा। इससे न सिर्फ झारखंड बल्कि 5 से 6 अन्य राज्यों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी।

whatsapp channel

Jever News Paper

बिजली संकट की चेतावनी
पीपी साह ने चेताया कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट से कई राज्यों को बिजली सप्लाई होती है। यदि प्लांट बंद होता है, तो व्यापक बिजली संकट पैदा होगा। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी ऐश ट्रांसपोर्टिंग बाधित होने के कारण यह प्लांट करीब 120 दिनों तक बंद रहा था, जिससे राज्य और देश को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

the-habitat-ad

ठेकेदार को 14 दिन की मोहलत
डीवीसी के एडिशनल डायरेक्टर ने ठेकेदार को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 14 दिनों के भीतर ऐश ट्रांसपोर्टिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित निविदा को रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

resizone elanza

देश के टॉप प्लांट्स में शामिल है बोकारो थर्मल
पीपी साह ने बोकारो थर्मल पावर प्लांट की अहमियत बताते हुए कहा कि यह देश के 5 से 10 सर्वश्रेष्ठ पावर प्लांट्स में गिना जाता है और कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी हासिल कर चुका है। प्लांट के बंद होने से सिर्फ बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ेगा।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद पीपी साह ने डीवीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्लांट को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वरिष्ठ महाप्रबंधक सह परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *