बाहरागोड़ा में भीषण बस हादसा: 30 से अधिक यात्री घायल, मटिहाना फ्लाईओवर पर मचा हड़कंप
जमशेदपुर/बाहरागोड़ा: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। जमशेदपुर से पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर जा रही एक यात्री बस मटिहाना फ्लाईओवर पर अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में करीब 30 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए बाहरागोड़ा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहीं सूचना मिलते ही बाहरागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जमशेदपुर से गोपीबल्लापुर जा रही थी बस
घटना सोमवार की सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है, जब ‘शंकरी नामक बस’ (Shankari Bus) जमशेदपुर से पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस मटिहाना फ्लाईओवर के ऊपर पहुंची, चालक का नियंत्रण अचानक स्टीयरिंग से छूट गया और बस डिवाइडर से टकराते हुए पलट गई। तेज रफ्तार के कारण बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री बस के भीतर फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।

अस्पताल में भर्ती घायलों का चल रहा इलाज
घटना के तुरंत बाद बाहरागोड़ा पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि तीन यात्रियों की हालत गंभीर है, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद भर्ती कर लिया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अधिकांश घायलों को सिर, हाथ-पैर और पीठ में चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के MGM अस्पताल रेफर किए जाने की तैयारी चल रही है।
पुलिस कर रही है जांच, चालक-परिचालक से पूछताछ शुरू
सूचना मिलने के बाद बाहरागोड़ा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और क्षतिग्रस्त बस को साइड में हटवाया गया ताकि यातायात सुचारू हो सके।
पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि सड़क पर तेज मोड़ और बारिश से फिसलन के कारण बस अनियंत्रित हुई हो सकती है। हालांकि, चालक की लापरवाही या ब्रेक फेल होने की संभावना को भी नकारा नहीं गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि बस चालक और परिचालक से पूछताछ की जा रही है तथा तकनीकी जांच के लिए वाहन को जब्त कर लिया गया है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
घटना के बाद मटिहाना फ्लाईओवर के आसपास अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की तत्परता ने कई लोगों की जान बचा ली। लोगों ने शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाहरागोड़ा के सीओ और बीडीओ भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की। प्रशासन ने अस्पताल को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
फ्लाईओवर पर बार-बार हो रहे हादसे, सुरक्षा पर उठे सवाल
मटिहाना फ्लाईओवर पर यह पहला हादसा नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और सड़क की खराब ज्योमेट्री के कारण लगातार हादसे होते रहते हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड लिमिट बोर्ड, सिग्नल लाइट और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रशासन ने दिया जांच और सुरक्षा का आश्वासन
बाहरागोड़ा के एसडीपीओ ने घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित परिवहन कंपनी और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटनास्थल पर यातायात सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी और DVC व रोड कंस्ट्रक्शन विभाग से तकनीकी निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी जाएगी।
मटिहाना फ्लाईओवर पर हुआ यह हादसा झारखंड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की एक और मिसाल है, जो तेज रफ्तार, खराब सड़क संरचना और सुरक्षा की अनदेखी के कारण घट रही हैं। यह घटना प्रशासन, परिवहन विभाग और यात्रियों—सभी के लिए चेतावनी है कि लापरवाही का एक पल भी कई ज़िंदगियों को खतरे में डाल सकता है।








