सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम दीघा से चुनावी मैदान में, CPIML ने खेला बड़ा दांव
बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में चल रहे सीट बंटवारे के घमासान के बीच सीपीआई(एमएल) ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। पार्टी ने सोमवार को दीघा विधानसभा सीट से दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम को उम्मीदवार घोषित कर बड़ा दांव खेला है।
महागठबंधन में सीट बंटवारे पर खींचतान के बीच आया फैसला
महागठबंधन के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक अंतिम समझौता नहीं हो सका है। कांग्रेस और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के बीच सहमति न बन पाने के कारण सीटों का औपचारिक ऐलान अटका हुआ है। इसी बीच CPIML ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर यह संकेत दिया है कि वह इस बार दीघा सीट पर किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटने वाली। सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन आज शाम तक सीट बंटवारे पर आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
दीघा: बीजेपी का गढ़, अब बनेगा दिलचस्प रणक्षेत्र
पटना की दीघा विधानसभा सीट बिहार की राजनीति में रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है। यह सीट पिछले दो चुनावों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कब्जे में रही है। 2020 में भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजीव चौरसिया ने यहां जीत दर्ज की थी, जबकि CPIML की शशि यादव दूसरे स्थान पर रहीं।
अब दिव्या गौतम के मैदान में उतरने से यह मुकाबला और रोमांचक हो गया है। माना जा रहा है कि दिव्या के नाम से युवाओं और सुशांत के प्रशंसकों का झुकाव CPIML की ओर हो सकता है।
15 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगी दिव्या गौतम
CPIML की नई प्रत्याशी दिव्या गौतम 15 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। पार्टी ने उनके नाम का ऐलान करते हुए कहा कि “दीघा जैसे प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र में एक शिक्षित, युवा और प्रतिबद्ध महिला प्रत्याशी का उतरना बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
कौन हैं दिव्या गौतम? सुशांत सिंह राजपूत की बहन से राजनीतिक चेहरा बनने तक का सफर
दिव्या गौतम सिर्फ सुशांत सिंह राजपूत की बहन के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय छात्रनेता और शिक्षाविद के रूप में भी जानी जाती हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया और इसी दौरान छात्र राजनीति में सक्रिय रहीं।
वर्ष 2012 में उन्होंने AISA के टिकट पर पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था, जिसमें वह दूसरे स्थान पर रहीं थीं। दिव्या ने पहले ही प्रयास में 64वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और आपूर्ति निरीक्षक पद पर चयनित हुईं। फिलहाल वह पीएचडी कर रही हैं और UGC-NET क्वालिफाइड हैं।
महागठबंधन में नई ऊर्जा की उम्मीद
दिव्या गौतम की उम्मीदवारी से CPIML ने यह संकेत दे दिया है कि वह दीघा जैसी हाई प्रोफाइल सीट पर मजबूत दावेदारी के साथ उतरना चाहती है। पार्टी नेताओं का मानना है कि दिव्या का चेहरा महिला और युवा मतदाताओं के बीच प्रभाव डाल सकता है, वहीं सुशांत सिंह राजपूत की लोकप्रियता भी उनके समर्थन में माहौल बना सकती है।
बिहार की दीघा विधानसभा सीट अब बेहद दिलचस्प हो गई है। सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम के मैदान में उतरने से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। एक ओर भाजपा अपने गढ़ को बचाने की कोशिश करेगी, वहीं CPIML दिव्या के नाम पर नया जनाधार तैयार करने में जुटी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि दीघा की यह जंग किसके नाम होती है।








