दो SLR राइफल सहित भारी मात्रा में नक्सली हथियार बरामद
CRPF और हजारीबाग पुलिस के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता के
हजारीबाग: सेंट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स (सीआरपीएफ) और हज़ारीबाग़ पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान में एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। हजारीबाग और बोकारो जिले के सीमावर्ती इलाकों से दो एसएलआर राइफलें, मैगजीन, भारी मात्रा में कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई इलाके में नक्सलियों की सक्रियता को लेकर मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
नक्सलियों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान जारी
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे राज्य में नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग और बोकारो की सीमाओं से जुड़े जंगली और दुर्गम इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिली थी। उसी के आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह संयुक्त अभियान चलाया।
सघन तलाशी अभियान जारी
बरामद हथियारों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान को और तेज कर दिया है। जंगली क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि को रोका जा सके। सुरक्षा बलों की कई टीमें इलाके में गश्त कर रही हैं और नक्सलियों के ठिकानों की पहचान की जा रही है।
हाल ही में मिली थी बड़ी कामयाबी
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले 15 सितंबर को हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। गोरहर थाना क्षेत्र में पुलिस और कोबरा टीम के संयुक्त अभियान में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (Maoist) के तीन शीर्ष उग्रवादी मारे गए थे। इनमें 1 करोड़ रुपये का इनामी केंद्रीय समिति सदस्य सहदेव सोरेन, 25 लाख रुपये का इनामी झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य रघुनाथ हेम्ब्रम और 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य बीरसेन गंझू शामिल था। उस अभियान के दौरान तीन एके-47 राइफलें भी बरामद की गई थीं।
निर्णायक चरण में पहुंचा नक्सल विरोधी अभियान
नवीनतम हथियार बरामदगी यह साफ दर्शाती है कि राज्य में नक्सल विरोधी अभियान निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई से नक्सलियों के नेटवर्क पर लगातार प्रहार हो रहा है। हजारीबाग और आसपास के इलाकों में पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को और तेज कर दिया है।




