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शराब घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, नेक्सजेन ऑटोमोबाइल का शोरूम सील

B conducts major action

हजारीबाग : झारखंड में एसीबी (भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग में नेक्सजेन ऑटोमोबाइल्स के मालिक विनय सिंह के डेमोटांड़ स्थित कार शोरूम को अस्थाई रूप से सील कर दिया है। यह कार्रवाई झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार विनय सिंह फिलहाल हजारीबाग जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ चल रही जांच के तहत एसीबी ने रविवार को भी कई ठिकानों पर छापेमारी की। लोहरदगा और गुमला स्थित शोरूम की भी एसीबी टीम ने तलाशी ली।

दो दिनों से जारी छापेमारी
इससे पहले रविवार को भी एसीबी ने नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह के चार ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान चार अलग-अलग टीमों ने चुटिया के अनंतपुर स्थित थर्ड स्ट्रीट, डिबडीह स्थित टाटा मोटर्स शोरूम, नेक्सजेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय और लालपुर के पीस रोड स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी की थी।

शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम ने शराब घोटाले से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन साक्ष्यों के आधार पर एसीबी जल्द ही और कार्रवाई कर सकती है।

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शराब घोटाले में नेक्सजेन का नाम
झारखंड के शराब घोटाले की जांच में नेक्सजेन ऑटोमोबाइल्स और इसके मालिक विनय सिंह का नाम पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है। जांच एजेंसियों का मानना है कि शराब घोटाले से जुड़ी कुछ रकम और दस्तावेज़ नेक्सजेन के माध्यम से छुपाए या ट्रांसफर किए गए थे।

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विनय सिंह पर शिकंजा कसता एसीबी
विनय सिंह के खिलाफ एसीबी की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसी इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। उनके खिलाफ और भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर हलचल
हजारीबाग में एसीबी की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में हलचल है। कई लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि शराब घोटाले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

क्या है एसीबी?
भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) राज्य सरकार के अंतर्गत एक प्रमुख एजेंसी है जो भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करती है। झारखंड में यह एजेंसी पिछले कुछ महीनों से कई बड़े मामलों में छापेमारी कर चुकी है।

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