ED–रांची पुलिस टकराव पहुंचा हाईकोर्ट, CBI जांच की मांग
Ranchi : झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य पुलिस के बीच चल रहा टकराव अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने रांची पुलिस द्वारा ईडी कार्यालय में की गई कार्रवाई के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है।
ईडी ने अपनी याचिका में पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग की है। हाईकोर्ट में इस याचिका पर कल सुनवाई होनी तय हुई है। कानूनी गलियारों में इसे केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य पुलिस के अधिकारों की सीधी टकराहट के तौर पर देखा जा रहा है।
PHED कर्मचारी की FIR से शुरू हुआ पूरा विवाद
इस मामले की शुरुआत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) के कर्मचारी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से हुई। संतोष ने आरोप लगाया कि रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की गई।
इन आरोपों के आधार पर एयरपोर्ट थाना, रांची में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद यह विवाद तेजी से तूल पकड़ता चला गया।
ED ऑफिस पहुंची रांची पुलिस, कई घंटे चली जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद गुरुवार सुबह रांची पुलिस की एक बड़ी टीम अचानक हिनू स्थित ईडी कार्यालय पहुंची। पुलिस ने कई घंटों तक ईडी दफ्तर में रहकर जांच की और घटना के समय मौजूद अधिकारियों से पूछताछ की। इस कार्रवाई को लेकर ईडी ने कड़ा ऐतराज जताया और इसे अपने अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप बताया।
CBI जांच की मांग, आज सुनवाई पर टिकी निगाहें
ईडी का कहना है कि यह मामला निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करता है, इसलिए इसकी जांच CBI से कराई जानी चाहिए।
अब सभी की निगाहें झारखंड हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा क
- क्या मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी?
- या फिर राज्य पुलिस की कार्रवाई को वैध माना जाएगा?
कानूनी और राजनीतिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक एफआईआर या छापेमारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों की संवैधानिक लड़ाई का रूप ले सकता है। आने वाले दिनों में इसका असर झारखंड की राजनीति और जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी पड़ सकता है।








