7 साल बाद ईरानी तेल भारत की ओर, 6 लाख बैरल लेकर आ रहा टैंकर
होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत, ‘पिंग शुन’ ने बदला रुख
मुनादी लाइव : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान से करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर ‘पिंग शुन’ नाम का टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है। यह 2019 के बाद पहली बार है जब ईरान से तेल भारत आ रहा है, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
होर्मुज संकट के बीच बड़ा कदम
दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते वैश्विक तेल और गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का कारोबार होता है, ऐसे में इसके बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
चीन की ओर जाने की खबरों पर विराम
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि पेमेंट की समस्या के कारण यह टैंकर चीन की ओर मुड़ गया है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्गो जहाज ऑपरेशनल जरूरतों के अनुसार अपना रूट बदल सकते हैं और ‘पिंग शुन’ भारत की ओर ही आ रहा है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली राहत
ईरान से तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने 2019 के बाद से खरीद बंद कर दी थी। लेकिन अब अमेरिका ने 30 दिनों के लिए इन प्रतिबंधों में ढील दी है, जिसके बाद यह डील संभव हो पाई है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती
माना जा रहा है कि इस टैंकर के भारत पहुंचने से देश में कच्चे तेल की उपलब्धता बेहतर होगी और सप्लाई चेन को स्थिरता मिलेगी। इससे बढ़ती कीमतों और संभावित कमी की आशंका भी कम हो सकती है।
संकट के बीच राहत का संकेत
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह घटनाक्रम भारत के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ऐसे और टैंकर भारत पहुंचते हैं या नहीं, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हो सके।







