ऑपरेशन कगार के खिलाफ नक्सलियों का उग्र प्रदर्शन: पोस्टरबाजी, पेड़ काटकर सड़क जाम और विस्फोटक हमला
चाईबासा: भाकपा माओवादी नक्सलियों ने झारखंड के सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन करते हुए पोस्टरबाजी और सड़क जाम की बड़ी कार्रवाई की है। नक्सलियों ने मनोहरपुर प्रखंड के जराईकेला थाना क्षेत्र के कोलबोंगा इलाके में जगह-जगह पोस्टर चिपकाकर ऑपरेशन कगार को “राज्य प्रायोजित आतंक” बताया और फांसीवादी पुलिसिया दमन के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही।
पेड़ काटकर सड़क अवरुद्ध, यातायात ठप
मनोहरपुर से कोलबोंगा जाने वाली मुख्य सड़क को नक्सलियों ने पेड़ काटकर बीच रास्ते में गिरा दिया। इससे सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क पर नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर भी लगाए हैं जिनमें उन्होंने सुरक्षा बलों के खिलाफ उग्र नारों का उल्लेख किया है। अचानक की गई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
बीएसएनएल टॉवर में आगजनी और नेटवर्क बाधित
इससे पहले नक्सलियों ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के टॉवर को आग के हवाले कर दिया था। यह टॉवर सारंडा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुदलीबाद गांव में स्थित था। टॉवर जलाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह बाधित हो गईं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क उड़ाकर दिखाई ताकत
नक्सलियों ने अपनी ताकत दिखाने के लिए एक और गंभीर वारदात को अंजाम दिया। कुदलीबाद से करिया गांव को जोड़ने वाली सड़क के एक हिस्से को शक्तिशाली विस्फोट से उड़ा दिया गया। यह सड़क ग्रामीणों के लिए मुख्य आवागमन मार्ग था, जिसे ध्वस्त करने से स्थानीय लोग भयभीत हैं।
सुरक्षा बलों की चौकसी बढ़ी
इन घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी है। ऑपरेशन कगार के तहत नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने सड़क जाम हटाने और मरम्मत कार्य के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया है। वहीं, सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
ग्रामीणों में दहशत और प्रशासन की सख्ती
लगातार हो रही नक्सली वारदातों से इलाके में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से सुरक्षा की मांग भी तेज हो गई है। वहीं प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नक्सली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
यह घटनाएं स्पष्ट संकेत हैं कि नक्सली संगठन ऑपरेशन कगार को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बलों ने भी इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में अभियान और तेज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।








