पलामू टाइगर रिजर्व में हाथीदांत के साथ तस्कर गिरफ्तार

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Palamu : पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) क्षेत्र में वन अपराधियों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार की रात गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हाथी के दांत के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सचिन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बारेसांड़ का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पास से हाथी के दो बड़े दांत बरामद किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त छापेमारी
अधिकारियों के अनुसार, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू टाइगर रिजर्व के सुरकुमी इलाके में कुछ तस्कर हाथी के दांत की तस्करी की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही WCCB और पलामू टाइगर रिजर्व की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया और संभावित ठिकानों पर निगरानी शुरू की।

इसी दौरान गारू थाना क्षेत्र के मिर्चियां गांव के पास वन विभाग की टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को आते हुए देखा। टीम को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से हाथी के दो दांत बरामद हुए, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

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तस्करी रैकेट की कड़ियां खंगालने में जुटा विभाग
इस संबंध में पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने बताया कि हाथी के दांत के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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अधिकारियों का कहना है कि जंगल और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जब्त किए गए हाथीदांत को विधि अनुसार सुरक्षित रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

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पिछले एक महीने से लगातार चल रही कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने से पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इस दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है और वन तस्करों के एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।

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विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध तस्करी रैकेट के स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े तार सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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