पटना कोर्ट की बड़ी कार्रवाई: पप्पू यादव की संपत्ति कुर्क करने का आदेश
Patna: बिहार की राजनीति से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पप्पू यादव, जो वर्तमान में पूर्णिया के सांसद हैं, उनके खिलाफ पटना की एक विशेष अदालत ने कुर्की–जब्ती का आदेश जारी किया है। उनके साथ दो अन्य आरोपियों पर भी यही कार्रवाई लागू होगी।
यह आदेश पटना स्थित सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने दिया है। अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय ने लगातार कोर्ट में अनुपस्थित रहने को गंभीर मानते हुए यह सख्त कदम उठाया।
अगली सुनवाई 7 फरवरी को
कोर्ट पहले ही तीनों आरोपियों की पेशी सुनिश्चित कराने के लिए गिरफ्तारी वारंट और इश्तिहार जारी कर चुकी थी। बावजूद इसके अदालत में हाजिरी नहीं होने के कारण अब कुर्की-जब्ती का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गई है।
क्या है 1995 का मामला?
मामला करीब तीन दशक पुराना बताया जा रहा है। वर्ष 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना था कि किराए पर लेते समय यह नहीं बताया गया कि मकान का इस्तेमाल एक सांसद के कार्यालय के रूप में किया जाएगा। बाद में जब इस बात की जानकारी मिली, तब उन्होंने इसे धोखाधड़ी बताया और मामला दर्ज कराया।
अन्य दो आरोपी भी नामजद
इस केस में शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद को भी आरोपी बनाया गया है। अदालत ने इनकी भी लगातार गैरहाजिरी को गंभीर मानते हुए कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया है।
कानूनी शिकंजा कसता हुआ
यह मामला अब फिर से चर्चा में है, क्योंकि लंबे समय से लंबित इस केस में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। 7 फरवरी की सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि आरोपियों की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है और अदालत आगे क्या कदम उठाती है।








