ताज़ा पासपोर्ट रैंकिंग जारी: 5 स्थान ऊपर चढ़ा भारत
Munadi Live: फरवरी 2026 में जारी हुई वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index के अनुसार भारत 5 पायदान की छलांग लगाते हुए अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है।
इस रैंकिंग के मुताबिक अब भारतीय नागरिक 56 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। यह भारत की वैश्विक साख और कूटनीतिक संबंधों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
कौन है नंबर-1 पर?
Singapore इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है। सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा कर सकते हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से Japan और South Korea हैं, जिनके नागरिकों को 190 से अधिक देशों में वीज़ा-फ्री या आसान प्रवेश की सुविधा प्राप्त है।
भारत की रैंकिंग में सुधार क्यों अहम?
भारत की रैंकिंग में 5 स्थान की बढ़त कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है:
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों में मजबूती
- पर्यटन और व्यापारिक समझौतों में विस्तार
- भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्वीकार्यता में वृद्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों के लिए यात्रा विकल्पों का विस्तार वैश्विक गतिशीलता, शिक्षा और रोजगार अवसरों को भी प्रभावित करेगा।
क्या है Henley Passport Index?
Henley Passport Index एक वैश्विक रैंकिंग है, जो दुनिया के पासपोर्ट की ताकत को इस आधार पर मापता है कि उसके धारक कितने देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल प्रवेश पा सकते हैं। यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के डेटा पर आधारित होती है।
भारतीय यात्रियों के लिए क्या बदला?
हालांकि 56 देशों में वीज़ा-फ्री सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इनमें अधिकांश देश एशिया, अफ्रीका और कैरेबियन क्षेत्र के हैं। यूरोप और अमेरिका के कई बड़े देशों के लिए अभी भी वीज़ा प्रक्रिया अनिवार्य है। फिर भी, यह सुधार भारतीय पासपोर्ट की ताकत में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत देता है।
आगे क्या उम्मीद?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत अपने द्विपक्षीय समझौतों और आर्थिक साझेदारियों को और मजबूत करता है, तो आने वाले वर्षों में रैंकिंग में और सुधार संभव है। भारत की यह छलांग न केवल सांकेतिक उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।








