महाशिवरात्रि पर रामगढ़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, बुढ़वा महादेव मंदिर में भव्य शिवविवाह संपन्न
रामगढ़, झारखंड: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रामगढ़ स्थित प्राचीन बुढ़वा महादेव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
सुबह 6 बजे से लगी भक्तों की कतार
पूर्णीमंडप में प्रातः 6 बजे से ही पूजा-अर्चना प्रारंभ हो गई थी। जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भक्तों ने भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर मिला।
महाभोग और सामूहिक प्रसाद वितरण
दिनभर चले विशेष अनुष्ठानों के बाद मंदिर समिति की ओर से महाभोग का वितरण किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। पूरे परिसर में भजन-कीर्तन और शंखध्वनि से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

रात्रि में भव्य शिवविवाह
रात्रि 7 बजे से महाभिषेक के बाद शिवविवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक सजावट और दीपों की रोशनी के बीच भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। श्रृंगार आरती और पुष्पांजलि के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
समिति की सक्रिय भागीदारी
मुख्य यजमान सह समिति अध्यक्ष राकेश रंजन उर्फ टीटू सिंह, सचिव राजेश यादव, कोषाध्यक्ष विनय सिंह, आचार्य धनंजय एवं मुख्य पुजारी उमेश पांडेय सहित समिति के सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

सामाजिक एकता का संदेश
महाशिवरात्रि का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक बना। देर रात तक भजन-कीर्तन और आरती का सिलसिला चलता रहा।
रामगढ़ का बुढ़वा महादेव मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और इस वर्ष का महाशिवरात्रि महोत्सव भक्तों के लिए अविस्मरणीय बन गया।








