बिहार को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा
19 केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए ₹2135 करोड़ मंजूर
पटना: केंद्र सरकार ने बिहार के शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए राज्य में 19 नए केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन विद्यालयों की स्थापना के लिए कुल 2135.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस निर्णय के बाद बिहार में केंद्रीय विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छात्रों को भी केंद्रीय विद्यालय जैसी राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती
केंद्रीय विद्यालय देश में अपने उच्च शैक्षणिक मानकों, प्रशिक्षित शिक्षकों और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। नए विद्यालयों की स्थापना से राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए विद्यालयों की स्थापना चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। भूमि चयन, भवन निर्माण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए संबंधित जिलों में प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह
इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं, लेकिन सीटों की सीमित उपलब्धता के कारण कई छात्रों को मौका नहीं मिल पाता। नई इकाइयों के शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक कम होगी।
शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यह निर्णय बिहार में शैक्षणिक असमानताओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय विद्यालयों के माध्यम से सीबीएसई पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल कक्षाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का लाभ छात्रों को मिलेगा।
केंद्र सरकार का यह कदम ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा के अनुरूप माना जा रहा है, जिससे राज्य में शिक्षा का स्तर और ऊंचा उठेगा। आने वाले समय में इन विद्यालयों के संचालन से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, क्योंकि शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां की जाएंगी।
बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में यह निवेश आने वाले वर्षों में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है।








