26 परीक्ष्यमान DSP की सेवा हुई संपुष्ट, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

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Ranchi : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य पुलिस सेवा से जुड़े अधिकारियों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार झारखंड राज्य पुलिस सेवा के 26 परीक्ष्यमान (प्रोबेशनरी) उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) की सेवा को 25 जुलाई 2025 से आधिकारिक रूप से संपुष्ट (कन्फर्म) कर दिया गया है।

यह निर्णय झारखंड राज्य पुलिस सेवा नियमावली, 2012 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। सेवा संपुष्टि के बाद अब ये सभी अधिकारी स्थायी रूप से राज्य पुलिस सेवा का हिस्सा माने जाएंगे और उन्हें भविष्य में पदोन्नति, वेतनमान, पेंशन सहित अन्य विभागीय लाभों का अधिकार मिलेगा।

इन 26 DSP की हुई सेवा संपुष्टि
गृह विभाग द्वारा जारी सूची में जिन अधिकारियों के नाम शामिल हैं, वे इस प्रकार हैं -दिवाकर कुमार, दूसरु बाणसिंह, विनीत कुमार किंडो, चिरंजीव मंडल, रोहित साव, अकरम रजा, प्रशांत कुमार-2, अमरेंद्र कुमार, अर्चना स्मृति खलखो, प्रदीप कुमार-3, सुनील कुमार सिंह, पूजा कुमारी, कैलाश प्रसाद महतो, नीलम कुजूर, प्रदीप साव, पूजा कुमारी (अन्य), राजीव रंजन, राजेश यादव, कुमार विनोद, प्रदीप कुमार-2, रामप्रवेश कुमार, प्रशांत कुमार-1, चंद्रशेखर, अजय आर्यन, आकाश भारद्वाज और अमित रविदास।

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क्या होती है सेवा संपुष्टि?
जब किसी अधिकारी की सीधी नियुक्ति होती है, तो उसे एक निश्चित अवधि तक परीक्ष्यमान (प्रोबेशन) पर रखा जाता है। इस दौरान उसके कार्य, आचरण, अनुशासन और क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। सेवा संपुष्टि का अर्थ है कि संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली संतोषजनक पाई गई और अब वह विभाग का स्थायी सदस्य बन गया है।

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पुलिस सेवा में करियर को मिलेगा नया आयाम
26 DSP की सेवा संपुष्टि को राज्य पुलिस सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। अब ये अधिकारी भविष्य में ASP, SP और अन्य वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र होंगे।

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गृह विभाग के इस फैसले को झारखंड पुलिस के लिए स्थिरता और प्रशासनिक निरंतरता की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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