बिहार चुनाव में बड़ा मोड़: पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह निर्दलीय मैदान में
बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव के सियासी सरगर्मी के बीच एक बड़ा राजनीतिक दांव देखने को मिला है। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने काराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बाद चुनावी समीकरणों में हलचल तेज हो गई है।
जन सुराज और राजद से हो चुकी थी मुलाकात
कुछ दिन पहले ही ज्योति सिंह ने जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी। तब से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कई नेताओं से भी मुलाकात की थी।हालांकि राजनीतिक समीकरण कुछ ऐसा बना कि बात किसी भी पार्टी से नहीं बन पाई और अंततः उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।
पार्टी टिकट न मिलने पर लिया फैसला
सूत्रों के मुताबिक ज्योति सिंह ने राजद और जन सुराज दोनों से सीट को लेकर चर्चा की थी, लेकिन टिकट पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने का निर्णय लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम काराकाट विधानसभा क्षेत्र में मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है।
काराकाट सीट पर बनेगा नया समीकरण
काराकाट विधानसभा सीट से ज्योति सिंह का निर्दलीय चुनाव लड़ना कई दलों के लिए चुनौती बन सकता है। पवन सिंह की लोकप्रियता और ज्योति सिंह की सक्रियता को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों में हलचल मच गई है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि उनका चुनाव मैदान में उतरना पारंपरिक वोटबैंक समीकरणों को तोड़ सकता है।
पवन-ज्योति विवाद के बीच आया ऐलान
गौरतलब है कि कुछ समय से पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इसी पृष्ठभूमि में ज्योति सिंह का राजनीति में उतरना राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। वह हाल ही में कई सामाजिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेती नजर आईं, जिससे उनके राजनीतिक कदमों के संकेत पहले से ही मिल रहे थे।
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि काराकाट विधानसभा में ज्योति सिंह का प्रभाव युवा और महिला वोटरों पर पड़ सकता है। यदि उन्होंने मजबूत चुनाव प्रचार किया, तो पारंपरिक पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिहार चुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी
ज्योति सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने से बिहार विधानसभा चुनाव में एक नया मोड़ आ गया है। अब देखना यह होगा कि जन सुराज और राजद के साथ बातचीत टूटने के बाद उनका यह स्वतंत्र दांव काराकाट में कितना असर डालता है। काराकाट विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ज्योति सिंह की एंट्री ने मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना को और मजबूत कर दिया है।








