लातेहार में नक्सलवाद का अंत, जेजेएमपी का नामोनिशान मिटा
एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस को ऐतिहासिक सफलता
Latehar : लातेहार और आसपास के पांच जिलों में कभी आतंक का पर्याय बन चुके जेजेएमपी (झारखंड जनमुक्ति परिषद) उग्रवादी संगठन का अब नामोनिशान मिट चुका है। इतना ही नहीं, भाकपा माओवादी और टीपीसी जैसे संगठन भी अब समाप्ति के कगार पर पहुंच चुके हैं। यह ऐतिहासिक सफलता लातेहार पुलिस को एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में बीते एक साल के भीतर मिली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले तक जिस जेजेएमपी का नाम सुनते ही लोग रात में घर से निकलने से डरते थे, आज उसका नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचा।
एक साल में 93 नक्सली गिरफ्तार, नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त
लातेहार पुलिस ने पिछले एक वर्ष में सघन अभियान चलाते हुए कुल 93 नक्सलियों और उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें
- टीपीसी संगठन के 29
- जेजेएमपी संगठन के 18
- भाकपा माओवादी संगठन के 14
- एसजेएमएम संगठन के 14
- भाकपा माओवादी समर्थक 7
- पीएलएफआई के 6
- जेपीसी के 3
- जीएलटी के 2 नक्सली शामिल हैं।
इन गिरफ्तारियों से नक्सली संगठनों की रीढ़ पूरी तरह टूट चुकी है।
मुठभेड़ में ढेर हुए तीन बड़े इनामी नक्सली
पुलिस ने मुठभेड़ों के दौरान तीन कुख्यात इनामी नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें
- 10 लाख का इनामी जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा,
- 5-5 लाख के इनामी प्रभात गंझू और मनीष यादव शामिल हैं। इन नक्सलियों के मारे जाने को जेजेएमपी के अंत की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है।
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति का दिखा असर
पुलिस की सख्ती और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर लातेहार जिले में 23 नक्सली और उग्रवादियों ने सरेंडर किया है। इनमें
- जेजेएमपी के 19,
- भाकपा माओवादी के 3,
- और पीएलएफआई का 1 नक्सली शामिल है।
सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सलियों में पप्पू साव, चंदन प्रसाद, अमरजीत, मिथिलेश, तुलसी गंझू, अजीत, प्रमोद गंझू, बैजनाथ सिंह, लवलेश गंझू, रविंद्र यादव, अखिलेश यादव, अमरेश गंझू, मुकेश राम, रामप्रसाद महतो, ध्रुव, विजय यादव, सरवन सिंह, मुकेश गंझू, ब्रजेश यादव, अवधेश लोहरा, समर और आलोक यादव शामिल हैं।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
लातेहार पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान
- 36 हथियार,
- 3987 राउंड जिंदा कारतूस,
- 9 आईईडी,
- और 8.25 लाख रुपये की लेवी राशि बरामद की है।
बरामद हथियारों में दो इजराइल मेड राइफल, एक AK-56 और चार AK-47 जैसी अत्याधुनिक राइफलें शामिल हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति से बदली तस्वीर
एसपी कुमार गौरव की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार सर्च ऑपरेशन, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया तंत्र को मजबूत करने का असर अब साफ दिख रहा है। नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले इलाकों में अब
- पुलिस की नियमित गश्त,
- विकास कार्यों की रफ्तार,
- और ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा लौट आया है।
इलाके में लौटी शांति, विकास की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद इलाके में शांति की नई सुबह आई है। नक्सलियों के डर से बंद पड़े रास्ते, बाजार और गांव अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से लोगों में भरोसा और उम्मीद दोनों जगी है।
नक्सल मुक्त लातेहार की ओर मजबूत कदम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अब भी जारी रहेगा, ताकि बचे-खुचे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। लक्ष्य साफ है—नक्सल मुक्त लातेहार और सुरक्षित झारखंड।








