केंद्र ने झारखंड को ₹275.12 करोड़ का Untied फंड किया विमुक्त

15th Finance Commission

15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर पंचायतों और निकायों को बड़ी राहत

Ranchi : केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में झारखंड को बड़ी वित्तीय राहत दी है। केंद्र ने राज्य के लिए ₹27,512.53 लाख (करीब ₹275.12 करोड़) की राशि विमुक्त कर दी है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अनुरोध किया है कि वह यह राशि झारखंड सरकार के खाते में ट्रांसफर करे।

यह राशि Untied Fund के रूप में दी गई है, यानी राज्य सरकार और स्थानीय निकाय इसे अपनी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विकास कार्यों में खर्च कर सकते हैं।


पंचायतों और जिला परिषदों के माध्यम से होगा खर्च

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस राशि का उपयोग राज्य की 4342 ग्राम पंचायतों, 253 पंचायत समितियों और 24 जिला परिषदों के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, केंद्र द्वारा तय शर्तों के कारण राज्य की 3 ग्राम पंचायतों और 11 पंचायत समितियों में यह राशि खर्च नहीं की जा सकेगी।

गौरतलब है कि झारखंड में कुल 4345 ग्राम पंचायतें और 264 पंचायत समितियां हैं।

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आबादी और क्षेत्रफल के आधार पर होगा बंटवारा
केंद्र से मिली इस राशि का ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के बीच बंटवारा 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। इसमें

  • 90 प्रतिशत वेटेज आबादी को
  • और 10 प्रतिशत वेटेज क्षेत्रफल को दिया गया है।
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इस फॉर्मूले के तहत ही प्रत्येक पंचायत और निकाय को मिलने वाली राशि तय की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा लागू
ग्रामीण इलाकों में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद—के बीच राशि का बंटवारा राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार किया जाएगा। इससे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

10 कार्यदिवस में राशि ट्रांसफर करने का निर्देश
केंद्र सरकार ने राशि विमुक्त करने के साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि 10 कार्यदिवस के भीतर यह राशि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों को हस्तांतरित कर दी जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।

स्थानीय विकास को मिलेगी रफ्तार
Untied फंड होने के कारण इस राशि का उपयोग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट,और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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