प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गैंग को पाकिस्तान से मिल रही हथियार सप्लाई, ‘पठान’ कर रहा मदद — सिक्योर लाइन से होती है डील
रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में हाल के दिनों में गोलीबारी और रंगदारी की घटनाओं में इजाफा हुआ है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा ने अब हाथ मिला लिया है।
दोनों के गठजोड़ के बाद राज्य में कई घटनाओं को अंजाम दिया गया — जिनमें
- व्यवसाइयों से रंगदारी की मांग,
- गोलीबारी, और
- धमकियां शामिल हैं।
पुलिस ने पिछले एक सप्ताह में दोनों गिरोहों के आधा दर्जन गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए अपराधियों ने किया सनसनीखेज खुलासा
गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है —
“गैंग को हथियार पाकिस्तान से मिलते हैं।”
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में रहने वाला एक व्यक्ति ‘पठान’गिरोह को लगातार हथियार सप्लाई कर रहा है।
प्रिंस खान सीधे पठान से सिक्योर लाइन (एनक्रिप्टेड कॉल) पर संपर्क करता है।
दुबई से भेजा जाता है पैसा, सीमापार से आती है खेप
स्रोतों के अनुसार, हथियार की डील फाइनल होने के बाद प्रिंस खान के लोग दुबई और अन्य देशों से हवाला नेटवर्क के ज़रिए पठान को पैसा भेजते हैं। इसके बाद पठान ड्रोन या अन्य गुप्त रास्तों से हथियारों की खेप भारतीय सीमा में भेज देता है। भारतीय सीमा में पहुँचने के बाद, सीमावर्ती इलाकों के स्थानीय हैंडलर उन हथियारों को प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के गुर्गों तक पहुँचाते हैं।
इन्हीं हथियारों से झारखंड में की जाती हैं वारदातें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन्हीं विदेशी हथियारों का इस्तेमाल कररांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों में व्यवसायियों, ट्रांसपोर्टरों और माइनिंग कंपनियों पर हमला कर रंगदारी मांगी जाती है।
“यह नेटवर्क बेहद संगठित है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होता है,”
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
केंद्रीय एजेंसियां हुईं सतर्क, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच शुरू
पाकिस्तान लिंक के खुलासे के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसियां — NIA, IB और ED — सक्रिय हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि झारखंड में इन हथियारों की खेप कौन-कौन सी सीमाओं से प्रवेश कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
पुलिस की निगरानी में बढ़ी सख्ती
रांची और जमशेदपुर पुलिस ने अब
- गिरोहों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी,
- सीमावर्ती इलाकों में चौकसी, और
- संदिग्ध कॉल्स की ट्रैकिंग शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों का नेटवर्क देश की सीमाओं तक फैला है, जिसे तोड़ने के लिए कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं। प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गैंग का पाकिस्तान कनेक्शन झारखंड की अपराध दुनिया में एक बड़ा खुलासा है। अब जांच एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बेनकाब करने की दिशा में जुट गई हैं।








