...

वेदांता के नंद घर की बड़ी पहल — 7 राज्यों में 1 लाख बच्चों को मिलेगा ‘शिशु संजीवनी’ पोषण अनुपूरक

Sishu Sanjivani Nutrition Supplement

मुनादी लाइव डेस्क: बच्चों के समग्र पोषण को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत वेदांता लिमिटेड की प्रमुख सामाजिक परियोजना नन्द घर ने NDDB Foundation for Nutrition के सहयोग से 7 राज्यों में 1 लाख ‘शिशु संजीवनी’ पैक वितरित करने की घोषणा की है। यह वितरण पोषण माह 2025 के अवसर पर किया जा रहा है। यह विशेष पोषण अनुपूरक 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

15 राज्यों में चल रही नंद घर की मुहिम
नंद घर इस समय 15 राज्यों में 9,400 से अधिक आधुनिक आंगनवाड़ियों के जरिए लाखों बच्चों और महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रहा है। इस वर्ष इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज़ (ICDS) की 50वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है, ऐसे में नंद घर का यह कदम एक सामूहिक जनआंदोलन को और सशक्त करता है।

नेताओं ने क्या कहा – पोषण ही प्रगति की पहली सीढ़ी
वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा —

whatsapp channel

Jever News Paper

“राष्ट्र निर्माण की नींव बच्चों के स्वास्थ्य में छिपी है। NDDB के साथ ‘शिशु संजीवनी’ पहल हमारे संकल्प को मज़बूत करती है। आज का पोषित बच्चा कल का विकसित भारत बनाएगा।”

the-habitat-ad

नंद घर के सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा —
“ICDS की 50वीं वर्षगांठ भारत के पोषण मिशन का एक मील का पत्थर है। हम ‘शिशु संजीवनी’ जैसी पहल से इसे नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।”

resizone elanza

NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने कहा —

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

“‘शिशु संजीवनी’ वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया अनुपूरक है जो बच्चों की बढ़ती पोषण ज़रूरतों को पूरा करेगा और स्वस्थ भारत की नींव रखेगा।”

‘शिशु संजीवनी’ वितरण से क्या होगा फायदा

  • बच्चों के पोषण स्तर में सुधार
  • ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता में वृद्धि
  • माता-पिता को सही आहार और स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित करना
  • स्थायी पोषण समाधान विकसित करना
  • राष्ट्रीय स्तर पर कुपोषण में कमी

‘विकसित भारत’ की दिशा में पोषण का संकल्प
नंद घर के पोषण कार्यक्रम में फोर्टिफाइड फूड वितरण, सामुदायिक जागरूकता और तकनीक आधारित निगरानी को जोड़ा गया है। इस पहल से प्रतिदिन 3.6 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाई जा रही है। यह मुहिम भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के विज़न को मजबूती देती है — जहां हर बच्चा स्वस्थ, सक्षम और अवसरों से भरा भविष्य पा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *