बोकारो में बढ़ते अपराध को लेकर भाजपा नेताओं से मिले कुमार अमित
भयमुक्त माहौल बनाने की मांग, ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की अपील
रांची: जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुमार अमित ने रांची पहुंचकर राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोकारो में महिलाओं और आम नागरिकों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
कुमार अमित ने दोनों वरिष्ठ नेताओं को बताया कि बोकारो में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। खासकर महिलाओं के अचानक लापता होने और कुछ दिनों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की घटनाओं ने पूरे जिले में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि आम लोग अपने घरों से निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
कुमार अमित ने कहा कि लगातार महिलाओं के गायब होने की घटनाओं से परिवारों में दहशत का माहौल है। कई मामलों में लापता महिलाओं के शव मिलने से समाज में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ी है। बच्चे और महिलाएं अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बच्चा चोरी की अफवाहों और अन्य अपराधों के संदेह में भीड़ द्वारा अपरिचित लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो सामाजिक तनाव को और बढ़ा रही हैं।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
कुमार अमित ने नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया कि बोकारो सहित पूरे राज्य में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पुलिस गश्त बढ़ाने जैसे उपायों की तत्काल आवश्यकता है, ताकि जनता को भरोसा मिल सके।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि बोकारो समेत राज्य के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक दबाव बढ़ने के संकेत
बोकारो में बढ़ते अपराध को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी आवाज तेज हो रही है। भाजपा नेताओं की इस पहल को कानून व्यवस्था पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर कितनी तत्परता से कदम उठाता है और बोकारो में भयमुक्त वातावरण बहाल करने में कितना सफल होता है।








