मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2025 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई ऐतिहासिक और व्यापक निर्णय लिए गए। यह बैठक झारखंड सरकार की विकास, पारदर्शिता और जनसरोकार की दिशा में निर्णायक कदम साबित हुई। कुल 26 महत्वपूर्ण एजेंडों पर निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सुधार, वेतन, खेल, महिला सशक्तिकरण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलावों को मंजूरी दी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम निर्णय लिया गया। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद और इसके अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) को मंजूरी दी गई। इसके अलावा UGC Regulation 2018 के अनुरूप विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के पदनाम, वेतनमान और प्रमोशन से जुड़ी नीतियों में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई।
राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 480 माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया गया। साथ ही, कक्षा 9 से 12 तक सभी वर्गों के छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्णय में संशोधन करते हुए, मुद्रण और निविदा प्रक्रिया अब झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (JEPC) के माध्यम से कराई जाएगी।
वेतन और पेंशनधारकों के लिए राहत
राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों दोनों को महंगाई भत्ते में बड़ी राहत दी है। 1 जुलाई 2025 से राज्य के सभी सेवाकर्मियों को 58% महंगाई भत्ता तथा पेंशनधारकों को 58% महंगाई राहत देने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय लाखों सरकारी परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करेगा।
महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
मंत्रिपरिषद ने महिलाओं और बच्चों के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत प्रत्येक केंद्र को अब ₹8,000 प्रतिवर्ष प्रशासनिक व्यय के रूप में दिए जाएंगे, जो पहले ₹2,000 था। वहीं, मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित महिला हेल्पलाइन (Women Helpline) योजना को लागू करने के लिए नए दिशानिर्देशों को मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन
राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रेफरल सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए 207 ALS एंबुलेंस की खरीद हेतु ₹103.50 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत राज्य आपदा शमन निधि (SDMF) के लिए ₹166.80 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
न्याय और प्रशासनिक फैसले
राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों —लक्ष्मण प्रसाद, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एसीबी, चाईबासा) और तौफिक अहमद, अवर सचिव (विधि विभाग) — को झारखंड सेवा संहिता के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
सुरक्षा और विधि-व्यवस्था
राज्य की विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया।
राज्य के सभी थानों को 628 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन दिए जाएंगे, जिनकी कुल लागत ₹78.50 करोड़ होगी। इससे पुलिस पेट्रोलिंग और कानून व्यवस्था पर तत्काल सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
खेल और संस्कृति को बढ़ावा
खेलकूद के क्षेत्र में झारखंड को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से 4th SAAF Senior Athletic Championship, 2025 के आयोजन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, जमशेदपुर को State of the Art संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु ₹55.14 करोड़ की योजना को स्वीकृति दी गई।
अन्य अहम निर्णय
- गोड्डा जिले की तरडीहा बराज योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन ₹31.65 करोड़ को स्वीकृति।
- सारंडा वन अभ्यारण क्षेत्र को लेकर चर्चा, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि वहां के निवासी विस्थापित न हों और उनके जल-जंगल-जमीन की रक्षा की जाए।
- नगरपालिका चुनावों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण निर्धारण हेतु समर्पित आयोग की अनुशंसा को स्वीकार किया गया।
- न्यायालयों में सरकार की पैरवी हेतु ₹2 करोड़ की अग्रिम स्वीकृति दी गई।
यह मंत्रिपरिषद बैठक झारखंड के व्यापक विकास की रूपरेखा तय करती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य “सामाजिक न्याय, प्रशासनिक दक्षता और आर्थिक स्थिरता” को एक साथ साधना है। इस बैठक के निर्णयों से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ठोस सुधार देखने को मिलेंगे, जो झारखंड को नई दिशा देने वाले साबित होंगे।








