बिहार चुनाव से पहले पटना में अमित शाह-नीतीश की मुलाकात, सीट शेयरिंग पर गहन चर्चा
दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे अमित शाहदो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे अमित शाह, 20 जिलों के बीजेपी नेताओं के साथ करेंगे रणनीतिक बैठक
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू होते ही राज्य की सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह ने चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। पटना के होटल मौर्या में हुई इस बैठक ने बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात में सीट शेयरिंग समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बिहार विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने वाला है और ऐसे समय पर शाह-नीतीश की यह बातचीत सिर्फ शिष्टाचार नहीं बल्कि चुनावी समीकरणों को साधने की दिशा में बड़ा संकेत मानी जा रही है।
सीट शेयरिंग और गठबंधन की रणनीति
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में सीट शेयरिंग, प्रत्याशियों के चयन, बूथ मैनेजमेंट और चुनाव प्रचार की संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई। नीतीश कुमार और अमित शाह दोनों ही अपने-अपने संगठन को बेहतर तालमेल के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं।
20 जिलों के नेताओं से अहम बैठक
अमित शाह अपने इस दौरे में डेहरी और बेगूसराय में 20 जिलों के बीजेपी नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक तैयारी, चुनावी घोषणापत्र और प्रत्याशी चयन पर फीडबैक लिया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो इन बैठकों में बूथ स्तर तक की रणनीति बनाई जाएगी और पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया जाएगा।
हालिया सियासी घटनाक्रम
बता दें कि 13 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बिहार दौरे पर आए थे, लेकिन उनकी मुलाकात नीतीश कुमार से नहीं हो पाई थी। इसके बाद अमित शाह का यह दौरा और भी अहम हो गया है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार दौरे पर आए थे और पूर्णिया से राज्य को कई सौगातें दीं। अब अमित शाह की यह सक्रियता बीजेपी की चुनावी तैयारी को धार देने वाली मानी जा रही है।
चुनावी जमीनी तैयारी
बीजेपी और जदयू दोनों ही पार्टियां इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में अपना-अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए जोर आजमा रही हैं। अमित शाह की यह यात्रा और नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात आगामी दिनों में गठबंधन की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती है।
जीत का मंत्र
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बिहार में बदलते समीकरण और विपक्ष की रणनीति को देखते हुए यह मुलाकात दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण है। अमित शाह न केवल सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगाने बल्कि कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने भी आए हैं।








