बिहार में महिला वोटरों पर सियासी फोकस तेज, पीएम की योजना से बढ़ी हलचल
Rivalry to woo women voters in Biharहर परिवार की एक महिला को ₹10,000 और बाद में ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता, ट्रेनिंग का भी ऐलान
पटना : बिहार में महिला वोटरों को लेकर राजनीतिक दलों में होड़ मची है। राज्य के 7.64 करोड़ मतदाताओं में 3.60 करोड़ महिलाएं हैं, जो पिछले तीन विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पुरुष मतदाताओं से 1.5% से 8% तक अधिक मतदान करती रही हैं। यही कारण है कि अब महिला वोटर सभी दलों के एजेंडे के केंद्र में हैं।
पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि हर परिवार की एक महिला को शुरुआत में ₹10,000 और आगे चलकर ₹2,00,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे इस धनराशि से स्वरोजगार या अन्य आय अर्जन के साधन शुरू कर सकें।
महिला वोटरों का बढ़ता प्रभाव
बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2010, 2015 और 2020 के चुनावों में महिलाओं ने मतदान प्रतिशत में पुरुषों को पछाड़ा है। यह बढ़त 1.5% से लेकर 8% तक रही है। यही वजह है कि सत्ताधारी और विपक्षी दल दोनों ही महिला वोटरों को लुभाने के लिए नई योजनाएं और घोषणाएं कर रहे हैं।
राजनीतिक दलों में होड़
विशेषज्ञ मानते हैं कि महिला वोटर अब चुनावी नतीजों का फैसला करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं और पैकेज लेकर आ रही हैं।




