Budget 2026 से पहले किसानों की बढ़ीं उम्मीदें, क्या बढ़ेगी PM-KISAN की राशि?
महंगाई और खेती की लागत ने बढ़ाई चिंता
New Delhi : केंद्रीय बजट 2026 को लेकर इस बार किसानों की उम्मीदें पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई और खेती की लागत ने ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल बना दिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाएगी।
खासतौर पर यह चर्चा तेज है कि सालाना 6,000 रुपये की मौजूदा सहायता को बढ़ाकर 8,000 रुपये किया जा सकता है।
PM-KISAN योजना में बदलाव की मांग क्यों
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में यह राशि महंगाई के मुकाबले काफी कम पड़ रही है। इसी वजह से बजट 2026 में इस योजना की राशि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।
खेती की लागत ने बढ़ाया दबाव
मीडिया रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार बीते कुछ वर्षों में खेती से जुड़ी लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल, बिजली, सिंचाई और कृषि मशीनरी—हर चीज महंगी हो चुकी है। सीमांत और छोटे किसानों के लिए सालाना 6,000 रुपये की मदद पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। यदि सरकार इस राशि में बढ़ोतरी करती है, तो किसानों को खेती में दोबारा निवेश करने का भरोसा मिलेगा और कर्ज पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों की आय में बढ़ोतरी का असर केवल खेत तक सीमित नहीं रहता। जब किसानों के हाथ में खर्च करने के लिए अधिक पैसा होता है, तो ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ती है। इससे बीज, खाद, ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों की बिक्री बढ़ती है और छोटे दुकानदारों व स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा होता है। इस तरह PM-KISAN में संभावित बढ़ोतरी पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है।
PM-KISAN का अब तक का सफर
PM-KISAN योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 में की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को न्यूनतम आय सहायता प्रदान करना है। अब तक करोड़ों किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। योजना के तहत सभी भुगतान डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
बजट से पहले बढ़ीं उम्मीदें
फिलहाल सरकार की ओर से PM-KISAN की राशि बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन बजट 2026 से पहले किसानों और कृषि विशेषज्ञों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
अगर सरकार इस योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाने का फैसला करती है, तो यह बढ़ती महंगाई के दौर में किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।








