डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में नन्हें विद्यार्थियों का स्वागत, शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया गया विशेष जोर
रांची: राजधानी रांची के बरियातू स्थित डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में शिशु वर्ग के नन्हें विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक विशेष अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों के स्कूल जीवन की शुरुआत को यादगार बनाया, बल्कि अभिभावकों को भी विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार और अनुशासन से अवगत कराया। कार्यक्रम में बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ आमंत्रित किया गया, जिससे विद्यालय और परिवार के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित हो सके।
यज्ञ के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन यज्ञ से हुई, जिसमें बच्चों और उनके अभिभावकों ने एक साथ भाग लिया। यज्ञशाला में वैदिक मंत्रों के बीच आयोजित इस अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इस दौरान अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों का विकास केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें पारिवारिक मूल्यों, सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति जैसे संस्कारों से भी सुसज्जित करना आवश्यक है। बच्चों में “नमस्ते” जैसी सरल लेकिन महत्वपूर्ण आदतों को विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया, जिससे वे अपने संस्कारों से जुड़े रहें।

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए की गई प्रार्थना
यज्ञ के दौरान अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए आयु, विद्या, यश और बल की कामना की। यह दृश्य न केवल भावनात्मक था, बल्कि यह दर्शाता है कि शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी विद्यालय में बराबर महत्व दिया जा रहा है।
‘गूंज’ में दी गई शिक्षा और गतिविधियों की जानकारी
यज्ञ के पश्चात “गूंज” सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों ने इस अवसर पर स्किल आधारित शिक्षा (Skill-Based Learning) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि आज के दौर में केवल किताबों की पढ़ाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यावहारिक कौशल भी आवश्यक हैं।

संगीत कक्ष में नन्हों का आकर्षक प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान संगीत कक्ष में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा गिटार और अन्य वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नन्हे बच्चों की यह प्रस्तुति न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शा रही थी, बल्कि यह भी साबित कर रही थी कि विद्यालय बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभिभावकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को कई आवश्यक प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया। इनमें प्रमुख रूप से स्कूल डायरी को नियमित रूप से अपडेट करना, एस्कॉर्ट कार्ड की अनिवार्यता, समय-सारिणी का पालन, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन, ऑनलाइन शुल्क भुगतान प्रणाली और बच्चों को स्वास्थ्यवर्धक भोजन देना शामिल थे. इन सभी बिंदुओं के माध्यम से विद्यालय ने स्पष्ट किया कि अनुशासन और नियमितता बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्राचार्य का संदेश: संवाद से होगा समग्र विकास
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अभिभावकों के विश्वास पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे समय-समय पर विद्यालय आकर शिक्षकों से संवाद स्थापित करें, जिससे बच्चों के समग्र विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़े।
उपहार के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन नन्हें बच्चों को उपहार प्रदान कर किया गया, जिससे उनके चेहरे पर खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी। डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल का यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कार, अनुशासन और समग्र विकास का संगम है। नन्हें कदमों की यह पहली उड़ान न केवल बच्चों के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि अभिभावकों और विद्यालय के बीच मजबूत साझेदारी की भी नींव है।








