भारत-भूटान संबंधों को नई उड़ान: अदाणी पावर बनाएगा 570 मेगावाट वांगछू हाइड्रो प्रोजेक्ट
Adani Power Bhutan Projectनई दिल्ली:भारत और भूटान के बीच ऊर्जा सहयोग का नया अध्याय शनिवार को जुड़ गया। अदाणी पावर और भूटान की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प लिमिटेड (DGPC) ने 570 मेगावाट क्षमता वाले वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (SHA) और रियायत समझौते (CA) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी।
इस ऐतिहासिक मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी मौजूद थे।
भारत-भूटान की साझेदारी को मजबूती
भूटान अपने “ग्रॉस नेशनल हैपीनेस” मॉडल और स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के जरिए वैश्विक स्तर पर एक अनूठी पहचान बना रहा है। अदाणी पावर जैसी भारतीय निजी कंपनी के साथ यह समझौता दोनों पड़ोसी देशों की दोस्ती को और गहरा करेगा।
वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को BOOT (Build, Own, Operate, Transfer) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 60 अरब रुपए का निवेश होने का अनुमान है।

भूटान की अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
भूटान की अर्थव्यवस्था अब तक मुख्य रूप से ऊर्जा निर्यात और पर्यटन पर आधारित रही है। इस प्रोजेक्ट से न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि रोजगार, तकनीकी क्षमता और राजस्व में विविधता भी आएगी।
वर्तमान में भूटान के निर्यात में बिजली का योगदान 40% से अधिक है और इसका अधिकांश हिस्सा भारत को आपूर्ति किया जाता है। यह परियोजना इस साझेदारी को और मजबूत करेगी।
भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का अवसर
भारत लंबे समय से भूटान का सबसे भरोसेमंद साझेदार रहा है। इस प्रोजेक्ट से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।
अतिरिक्त बिजली का आयात भारत में बढ़ती खपत को पूरा करेगा। यह दिखाता है कि कैसे कूटनीति और विकास एक साथ चलकर दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।
माइंडफुलनेस सिटी को मिलेगी गति
भूटान ने पिछले साल ‘माइंडफुलनेस सिटी’ बनाने की घोषणा की थी। यह शहर गेलेफू इलाके में विकसित किया जा रहा है और इसे सिंगापुर से भी बड़ा बताया गया है।
स्वच्छ ऊर्जा से मिलने वाली बिजली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देगी। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से आने वाली बिजली माइंडफुलनेस सिटी की सड़कों, पुलों, एयरपोर्ट, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे को शक्ति प्रदान करेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
- वांगछू प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 2026 की पहली छमाही तक शुरू होगा।
- शिलान्यास के पांच साल के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य।
- भूटान 2040 तक 15,000 मेगावाट हाइड्रोपावर और 5,000 मेगावाट सोलर पावर क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है।
- मई 2025 में अदाणी ग्रुप और DGPC के बीच 5,000 मेगावाट परियोजनाएं मिलकर विकसित करने का समझौता हुआ था।
- वांगछू, इस बड़े समझौते के तहत शुरू होने वाली पहली हाइड्रोपावर परियोजना है








