मिडिल ईस्ट तनाव का असर रेलवे पर, एलपीजी संकट के बीच IRCTC ने जारी किया अलर्ट
ट्रेनों में पका भोजन प्रभावित होने की आशंका, स्टेशनों पर वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
मुनादी लाइव : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। इस संकट का सीधा प्रभाव भारतीय रेलवे की खान-पान सेवाओं पर पड़ा है। इसी को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने बुधवार को अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं।
IRCTC ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर संचालित खान-पान इकाइयों में वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है।
पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ा ऊर्जा संकट
बताया जा रहा है कि यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद और गंभीर हो गई। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबरें सामने आई थीं।
इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और भारत में भी ईंधन व गैस की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी और प्राकृतिक गैस की बड़ी जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर निर्भर है।
सरकार ने लागू किया आवश्यक वस्तु अधिनियम
ऊर्जा आपूर्ति को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के वितरण को विनियमित किया जा रहा है।
सरकार की प्राथमिकता घरेलू पीएनजी, परिवहन के लिए सीएनजी और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को बनाए रखना है। तेल कंपनियों ने फिलहाल व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण पर रोक लगा दी है, हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इससे छूट दी गई है।
IRCTC ने दिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
IRCTC ने अपने लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि वे खाना पकाने के लिए गैस की बजाय बिजली आधारित उपकरणों जैसे इंडक्शन और माइक्रोवेव का इस्तेमाल बढ़ाएं। इसके अलावा यात्रियों की मांग को देखते हुए स्टेशनों और ट्रेनों में रेडी-टू-ईट भोजन का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए भी कहा गया है।
यदि स्थिति और बिगड़ती है तो लंबी दूरी की ट्रेनों में ताजा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को वैकल्पिक खाद्य सामग्री या रिफंड का विकल्प भी दिया जा सकता है।
घरेलू एलपीजी सप्लाई फिलहाल सामान्य
एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता के अनुसार घरेलू एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। तेल कंपनियां उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं ताकि घरों में रसोई गैस की कोई कमी न हो।
हालांकि एहतियात के तौर पर सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों की अनिवार्य अवधि निर्धारित कर दी है, ताकि वितरण प्रणाली पर दबाव कम किया जा सके।








