नामकुम में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा बैठक, डॉ. नेहा अरोड़ा ने दिए निर्देश
Ayushman Bharat Scheme Review Meetingरांची/नामकुम: झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की कार्यकारी निदेशक डॉ. नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में नामकुम स्थित सभागार में सोमवार को आयुष्मान भारत – मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के कार्यक्रम समन्वयक, जसास के महाप्रबंधक श्री प्रवीण चंद्र मिश्रा, डिलोइट, नेशनल इंश्योरेंस के प्रतिनिधियों के साथ फायर सेफ्टी और प्रदूषण नियंत्रण के नोडल पदाधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
योजना की प्रगति व प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा
बैठक का उद्देश्य आयुष्मान भारत – मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की समीक्षा और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों पर चर्चा करना था। डॉ. अरोड़ा ने बैठक में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया –
- हॉस्पिटल एंपैनलमेंट : योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों के पंजीकरण की स्थिति।
- ई-केवाईसी लाभार्थी स्थिति : 1 जून 2025 से 23 सितंबर 2025 तक जिला-वार आंकड़ों की समीक्षा।
- सरकारी अस्पतालों का क्लेम स्टेटस : लंबित दावे और जिनका क्लेम अभी शुरू नहीं हुआ।
- जिला अस्पतालों की विशेषज्ञता के आधार पर स्थिति : पॉलिसी-8 के तहत हॉस्पिटलाइजेशन एवं क्लेम।
- क्लेम वितरण : सरकारी व निजी अस्पतालों के बीच क्लेम वितरण की वर्तमान स्थिति।
- डीपीसी नियुक्ति : जिन जिलों में डीपीसी की नियुक्ति लंबित है, वहां शीघ्र नियुक्ति का निर्देश।
अधिकाधिक लाभार्थियों तक योजना पहुंचाने पर जोर
डॉ. अरोड़ा ने सभी जिला समन्वयकों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर इलाज और देखभाल सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर दिया कि “योजना के तहत अधिक से अधिक केस बुक किए जाएं, ताकि मरीजों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल सके और अस्पतालों को भी समय पर भुगतान प्राप्त हो।”
मासिक समीक्षा बैठकें अनिवार्य
डॉ. अरोड़ा ने सभी जिलों को मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने को कहा, जिससे स्थानीय समस्याओं की पहचान और समाधान संभव हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी जिले में योजना से संबंधित कोई समस्या आती है तो उसे तत्काल राज्य स्तर पर सूचित किया जाए, ताकि समय रहते समाधान निकाला जा सके।

अस्पताल पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान डॉ. अरोड़ा ने यह भी जानना चाहा कि कई जिले अब तक कुछ अस्पतालों का पंजीकरण क्यों नहीं करा पाए हैं और उनसे इसकी विस्तृत जानकारी मांगी। बैठक में कई जिलों ने अपने-अपने क्षेत्र की विशेष समस्याएं भी सामने रखीं, जिनका तत्काल समाधान किया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति पर जोर
अंत में डॉ. अरोड़ा ने निर्देश दिया कि सभी सदर अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति रांची सदर अस्पताल के तर्ज पर की जाए, ताकि मरीजों को योजना का संपूर्ण लाभ मिल सके।
बेहतर क्रियान्वयन के लिए अहम पहल
यह बैठक आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम रही। इससे न केवल प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं की समीक्षा हुई, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए भी दिशा तय की गई।








