झारखंड के IFS अधिकारी पर गंभीर आरोप, बाबूलाल मरांडी ने जांच की उठाई मांग
Ranchi : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। झारखंड बीजेपी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक वरिष्ठ IFS अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए हेमंत सोरेन सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने कहा कि राज्य में अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है और सत्ता के संरक्षण में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है।
सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहा है भ्रष्टाचार
प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि संबंधित IFS अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी संसाधनों और वन संपदा से जुड़े मामलों में नियमों को ताक पर रखा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी पर अवैध लाभ लेने, संदिग्ध लेन-देन और अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप हैं। मरांडी ने कहा कि यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की पोल खोलने वाला उदाहरण है।
हेमंत सरकार पर सीधा हमला
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईमानदार अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है, जबकि विवादों में घिरे अफसरों को संरक्षण दिया जा रहा है। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सरकार पारदर्शिता की बात करती है, तो ऐसे अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
दस्तावेजी सबूत होने का दावा
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और तथ्यों की जानकारी है, जिन्हें समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार स्वयं जांच नहीं कराती है, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़क से सदन तक ले जाएगी। मरांडी ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की जाएगी।
जंगल और जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं
मरांडी ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी जल-जंगल-जमीन से है, लेकिन मौजूदा सरकार में इन्हीं संसाधनों की सबसे ज्यादा लूट हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग से जुड़े कई फैसले संदेह के घेरे में हैं और IFS अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन
प्रेस वार्ता के अंत में बाबूलाल मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस मामले में जल्द जांच के आदेश नहीं दिए, तो भाजपा जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है और अब जवाब चाहती है। मरांडी ने दोहराया कि राज्य में सुशासन तभी संभव है, जब अफसरशाही को जवाबदेह बनाया जाए।







