गृह मंत्रालय पर BJP-JDU में टकराव, बिना मुलाकात पटना लौटे नीतीश कुमार
दिल्ली दौरे के बीच बढ़ी सियासी खींचतान, पीएम मोदी और अमित शाह से नहीं हुई मुलाकात
मुनादी लाइव : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के बीच गृह मंत्रालय को लेकर टकराव की खबरें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और जेडीयू के बीच मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर अंदरूनी रार बढ़ गई है। बीजेपी जहां मुख्यमंत्री पद के साथ गृह मंत्रालय भी अपने पास रखने पर अड़ी हुई है, वहीं जेडीयू का कहना है कि अब गृह मंत्रालय उसे मिलना चाहिए।
बताया जा रहा है कि इसी मतभेद के कारण नीतीश कुमार बिना नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात किए ही पटना लौट रहे हैं। इस घटनाक्रम को राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में होने वाली बीजेपी की कोर ग्रुप बैठक भी रद्द कर दी गई है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों दलों के बीच सहमति बनने में अभी वक्त लग सकता है।
इस बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी अलग-अलग फ्लाइट से पटना लौट रहे हैं, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले करीब 20 वर्षों तक गृह मंत्रालय खुद नीतीश कुमार के पास रहा था। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी सरकार में उन्होंने यह विभाग छोड़ दिया था, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास रखा था।
अब जब बीजेपी मुख्यमंत्री पद को लेकर आगे बढ़ रही है, तो जेडीयू गृह मंत्रालय की मांग पर अड़ गई है। यही वजह है कि दिल्ली में कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई और नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद तय समय से पहले ही पटना लौटने का फैसला किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलों को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों दलों के बीच यह मतभेद कैसे सुलझता है और सत्ता संतुलन किस दिशा में जाता है।








