चाइनीज मांझे पर हाईकोर्ट की दो टूक: नाबालिग उड़ाएगा पतंग, जिम्मेदार होंगे माता-पिता
मकर संक्रांति से पहले इंदौर बेंच का आदेश, बैन सख्ती से लागू करने के निर्देश
मुनादी Live : मकर संक्रांति से ठीक पहले चाइनीज मांझे को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने साफ कर दिया है कि अगर कोई नाबालिग प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाता है, तो उसकी जिम्मेदारी केवल बच्चे की नहीं बल्कि उसके माता-पिता की भी होगी।
हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि चाइनीज मांझे पर लगे प्रतिबंध को कागज़ों तक सीमित न रखकर ज़मीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए। कोर्ट ने कहा कि हर साल त्योहारों के दौरान चाइनीज मांझे से गंभीर हादसे, जानलेवा चोटें और मौतें सामने आती हैं, इसके बावजूद इसका अवैध इस्तेमाल नहीं रुक पा रहा है।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि नाबालिग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करते पकड़ा जाता है, तो यह माना जाएगा कि अभिभावकों ने निगरानी में चूक की है। ऐसे मामलों में माता-पिता पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन को सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया है कि—
- चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर कड़ी निगरानी रखी जाए
- बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाए जाएं
- उल्लंघन पर तत्काल एफआईआर और जब्ती की कार्रवाई हो
जनहित में सख्ती
कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ कानून पालन का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा है। पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझा राहगीरों, दोपहिया चालकों और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो चुका है।
संदेश साफ
हाईकोर्ट के इस फैसले से यह संदेश साफ है कि अब ‘बच्चा है’ कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकेगा। त्योहार की खुशी किसी की जान पर भारी न पड़े—इसके लिए माता-पिता, दुकानदार और प्रशासन सभी को जिम्मेदारी निभानी होगी।






