सिमडेगा में पुलिस पर घूस का गंभीर आरोप: गिरदा ओपी प्रभारी पर ₹1 लाख लेने की शिकायत

Police Bribery

सिमडेगा: सिमडेगा में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गिरदा ओपी प्रभारी विद्यासागर चौरसिया पर ग्रामीणों से एक लाख रुपये घूस लेने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत मिलते ही श्रीकांत एस खोटरे, पुलिस अधीक्षक, सिमडेगा ने मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एडीपीओ को जांच का आदेश दे दिया है।

क्या है पूरा मामला
ग्रामीणों के अनुसार, जोशपा टुडू द्वारा प्रशासन से अनुमति लेकर जलावन के लिए आम का एक पेड़ कटवाया गया था। जब लकड़ी को ट्रैक्टर पर लोड किया जा रहा था, उसी दौरान गिरदा ओपी प्रभारी ने ट्रैक्टर और लकड़ी जब्त कर ली।

whatsapp channel

Jever News Paper

ग्रामीणों का आरोप है कि जब्त सामान छोड़ने के एवज में ओपी प्रभारी ने एक लाख रुपये की मांग की, जिसे मजबूरी में देना पड़ा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इलाके में लोगों को बेवजह परेशान किया जाता है और बार-बार पैसे की मांग की जाती है।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

डर और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई से वे मानसिक रूप से परेशान हैं और इलाके में भय का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि अब वे किसी भी प्रशासनिक या कानूनी प्रक्रिया से डरने लगे हैं।

resizone elanza

एसपी का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी श्रीकांत एस खोटरे ने स्पष्ट किया है कि

the-habitat-ad

“यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

एडीपीओ को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि सिमडेगा जिले में यह पहला मामला नहीं है। हाल के दिनों में सदर थाना सहित अन्य थानों के प्रभारियों के खिलाफ भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले भाजपा नेताओं ने सदर थाना प्रभारी रोहित रजक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एसपी को आवेदन दिया था, हालांकि उस मामले की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।

ग्रामीणों द्वारा खुले तौर पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना यह दर्शाता है कि मामला बेहद गंभीर है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *