हजारीबाग सेंट्रल जेल में हड़कंप: जेलर समेत 18 पर गिरी गाज, पूर्व सिपाही हिरासत में

Hazaribagh Central Jail Action

जेल में अनुशासनहीनता और गड़बड़ियों के आरोप के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

हजारीबाग: झारखंड की हजारीबाग सेंट्रल जेल में प्रशासनिक कार्रवाई की गूंज पूरे राज्य में सुनाई दी। जेलर दिनेश वर्मा समेत कुल 12 जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा जेल से जुड़े पूर्व सिपाही अशोक शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। साथ ही छह भूतपूर्व सैनिकों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।

यह कार्रवाई जेल आईजी के सख्त निर्देश पर की गई है। जेल प्रशासन ने यह कदम प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के संकेत मिलने के बाद उठाया।

बिहार से पकड़ा गया पूर्व सिपाही, पूछताछ जारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस की एक विशेष टीम ने पूर्व सिपाही अशोक शर्मा को बिहार के जहानाबाद से हिरासत में लिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश में है।

जेल में अफरा-तफरी, निलंबन पर उठे कई सवाल
जेलर दिनेश वर्मा समेत अन्य कर्मचारियों के निलंबन के बाद पूरे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई है। सूत्रों का कहना है कि कुछ कैदियों को जेल के अंदर अवैध सुविधाएं मुहैया कराने के संदेह के चलते यह कार्रवाई की गई है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

जांच में शामिल हुई कई एजेंसियां, बढ़ी सुरक्षा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीम ने जांच की कमान संभाल ली है। जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। निगरानी के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

resizone elanza

हाई-प्रोफाइल कैदियों की मौजूदगी से बढ़ी संवेदनशीलता
गौरतलब है कि हजारीबाग सेंट्रल जेल में इस समय कई हाई-प्रोफाइल कैदी बंद हैं। इसी कारण यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई जेल में ‘विशेष सुविधाएं’ देने वाले नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से भी की गई है।

the-habitat-ad

राजनीतिक गलियारों में भी मचा हड़कंप
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार से पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जेल विभाग ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *