बोर्ड परीक्षा की तैयारी: डॉ. रविप्रकाश तिवारी के बेस्ट टिप्स
लेखक डॉ. रविप्रकाश तिवारी, डी.ए.वी नंदराज पब्लिक स्कूल रांची के प्राचार्य है।
Ranchi : बोर्ड परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और मेहनत की असली कसौटी होती है। सही रणनीति, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ. रविप्रकाश तिवारी ने बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए ऐसे उपयोगी सुझाव साझा किए हैं, जो परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाकर बेहतर परिणाम दिलाने में सहायक साबित होंगे।
डॉ. तिवारी कहते हैं कि तैयारी की शुरुआत किताबों से नहीं, बल्कि सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझने से होती है। छात्रों को चाहिए कि वे केवल निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करें। अधिक अंक वाले अध्यायों को प्राथमिकता दें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, क्योंकि इससे परीक्षा के स्तर और पैटर्न दोनों की स्पष्ट समझ बनती है।
उन्होंने यह भी बताया कि सफल तैयारी के लिए सही योजना बनाना सबसे जरूरी है। विषयों को दैनिक लक्ष्य में बाँटकर पढ़ाई करने से दबाव कम होता है और तैयारी व्यवस्थित रहती है। कठिन विषयों को सुबह पढ़ना फायदेमंद रहता है, क्योंकि उस समय दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। साथ ही, प्रतिदिन छोटे-छोटे रिविजन सत्र रखने से विषय लंबे समय तक याद रहते हैं।
डॉ. रविप्रकाश तिवारी ने रिविजन को परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए कहा कि केवल पढ़ने से काम नहीं चलता। नियमित दोहराव (Revision) से ही तैयारी पक्की होती है। विद्यार्थियों को संक्षिप्त नोट्स, सूत्र और महत्वपूर्ण चित्र तैयार करने चाहिए ताकि आखिरी समय में पढ़ाई आसान हो। परीक्षा से पहले कम से कम दो से तीन बार रिविजन जरूरी है और अंतिम सप्ताह में नए टॉपिक पढ़ने के बजाय पुराने टॉपिक को मजबूत करना बेहतर होता है।
उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए लिखने का अभ्यास अनिवार्य है। समय सीमा में उत्तर लिखने की आदत विकसित करें। गणित और विज्ञान में स्टेप-बाय-स्टेप समाधान लिखें, क्योंकि कई बार प्रक्रिया पर भी अंक मिलते हैं। साफ-सुथरी लिखावट और व्यवस्थित उत्तर पुस्तिका परीक्षक पर अच्छा प्रभाव डालती है और अंक बढ़ाने में मदद करती है।
परीक्षा के दिन की रणनीति
डॉ. तिवारी के अनुसार परीक्षा के दिन छात्रों को घबराकर जल्दबाजी में लिखना शुरू नहीं करना चाहिए। पहले पूरे प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें, फिर वही प्रश्न पहले हल करें जिन पर अच्छी पकड़ है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और समय का बेहतर उपयोग होता है। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। किसी एक प्रश्न में अधिक समय देने से बाकी प्रश्न छूट सकते हैं, इसलिए अंकों के अनुसार समय बाँटें और अंत में उत्तर जांचने के लिए कम से कम 10–15 मिनट जरूर बचाएं।
उत्तर की प्रस्तुति भी दिलाती है नंबर
डॉ. तिवारी बताते हैं कि बोर्ड परीक्षा में ज्ञान के साथ प्रस्तुति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उत्तर में स्पष्ट शीर्षक, मुख्य शब्दों को रेखांकित करना, और साफ-सुथरे डायग्राम बनाना लाभदायक होता है। डायग्राम में सही लेबलिंग जरूर करें ताकि उत्तर पूर्ण माना जाए।
स्वास्थ्य और मानसिकता का रखें ध्यान
उन्होंने कहा कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास के बिना तैयारी अधूरी है। परीक्षा से पहले तनाव से बचें, गहरी सांस लें और अपने प्रयास पर भरोसा रखें। अच्छी नींद लेना, हल्का और पौष्टिक भोजन करना तथा पर्याप्त पानी पीना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग बेहतर काम करता है।
डॉ. रविप्रकाश तिवारी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि
“मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। सही दिशा में तैयारी, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।”








