मतदाता सूची पुनरीक्षण पर CEO के. रवि कुमार की सख्ती, पैतृक मैपिंग में तेजी के निर्देश
रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने गुरुवार को राज्यभर में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पैतृक मैपिंग (Parent Mapping) कार्य को तेजी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जाए ताकि मतदाताओं को दस्तावेज़ देने की झंझट से राहत मिल सके।
पैतृक मैपिंग से आसान होगी मतदाता पहचान प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की पैतृक मैपिंग करने से पुराने और नए मतदाताओं के डेटा का सही मिलान हो सकेगा। उन्होंने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि मतदाताओं को कम से कम दस्तावेज़ देने पड़ें। इसलिए पैतृक मैपिंग कार्य को सटीक और पूरी पारदर्शिता से संपन्न करें।” रवि कुमार ने सभी जिलों से यह भी कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंचायत और वार्ड स्तर पर विशेष कैंप लगाने का निर्देश
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों में सभी बीएलओ (Booth Level Officer) अनिवार्य रूप से शामिल हों।
बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद सभी मतदाताओं का डेटा BLO ऐप पर अपडेट करें ताकि आंकड़े सटीक रहें और पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो।
हाई-स्पीड इंटरनेट और तकनीकी सुविधा की व्यवस्था
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलों को यह भी निर्देश दिया कि सभी कैंप स्थलों पर हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर ऑपरेटरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा —
“मतदाता पुनरीक्षण कार्य तभी प्रभावी और त्रुटिरहित होगा जब तकनीकी सुविधा उपलब्ध रहे। हर जिले में IT सपोर्ट टीम सक्रिय रहे, ताकि किसी भी प्रकार की देरी न हो।”
बुक ए कॉल विथ बीएलओ’ सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार
बैठक में ‘Book a Call with BLO’ सुविधा की भी समीक्षा की गई। के. रवि कुमार ने कहा कि इस सेवा का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए ताकि मतदाता घर बैठे अपने बीएलओ से संपर्क कर सकें और अपने वोटर आईडी या नाम से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकें। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल सुविधा से मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी और सुविधा दोनों मिलेगी।
राज्यभर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े
समीक्षा बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति रिपोर्ट, लंबित कार्यों की समीक्षा और आने वाले दिनों की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
मतदाताओं से की गई अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के मतदाताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जिनका नाम सूची में नहीं है वे निर्धारित केंद्रों पर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण करवाएं।
उन्होंने कहा —
“हर नागरिक का मत लोकतंत्र की नींव है। इसलिए सभी पात्र मतदाता अपना नाम सूची में जरूर सुनिश्चित करें।”








