गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, काजू बगान से तीन साइबर ठग गिरफ्तार
गिरिडीह: झारखंड में साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से फर्जी बैंक एप्लीकेशन (APK) के जरिए लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में सरिया थाना क्षेत्र के केशवारी गांव निवासी आशीष मंडल, रंजीत मंडल और अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के पंचना गांव निवासी रामेश्वर मंडल उर्फ रमेश मंडल शामिल हैं।
प्रतिबिंब पोर्टल से मिली थी सूचना
एसपी डॉ बिमल कुमार ने मंगलवार को प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को ‘प्रतिबिंब’ पोर्टल के माध्यम से इन साइबर अपराधियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, ताराटांड थाना क्षेत्र के बड़कीटांड से जबरदाहा जाने वाली पक्की सड़क के किनारे स्थित काजू बगान में बैठकर कुछ लोग फोन के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
सूचना मिलते ही साइबर डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और तय योजना के तहत मौके पर दबिश दी गई।
साइबर डीएसपी के नेतृत्व में हुई छापेमारी
पुलिस टीम ने काजू बगान में घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विभिन्न बैंकों की फर्जी APK फाइल लोगों के मोबाइल पर भेजते थे और खुद को बैंक अधिकारी बताकर उन्हें झांसे में लेते थे।
इसके बाद लोगों से ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम कार्ड के तकनीकी विश्लेषण में जुट गई है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रंजीत कुमार मंडल के मोबाइल नंबर से जुड़े तीन ऑनलाइन शिकायतों का साक्ष्य मिला है। वहीं रामेश्वर मंडल उर्फ रमेश मंडल पहले भी साइबर ठगी के मामले में जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 15/2023 में जेल जा चुका है।
इसके अलावा बरामद मोबाइल फोन में लगे सिमकार्ड के नंबरों पर विभिन्न राज्यों से कुल 26 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह काफी बड़े स्तर पर सक्रिय था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। एसपी ने कहा कि अनजान लिंक या APK फाइल डाउनलोड करने से बचें और बैंक से जुड़े किसी भी कॉल या मैसेज की सत्यता की जांच जरूर करें।
गिरिडीह में हुई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कई राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।








