वैश्विक संकट का असर: सोना-चांदी धड़ाम, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

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MCX में भारी गिरावट, शेयर बाजार भी टूटा—निवेशकों में घबराहट

मुनादी लाइव : वैश्विक बाजारों में मंदी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को भारतीय वित्तीय बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आई तेज गिरावट और रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।

सोना-चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। सुबह करीब 9:40 बजे तक अप्रैल वायदा सोने की कीमतों में 5.59% (8,089 रुपये) की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका भाव 1,36,403 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसमें 6.63% (15,043 रुपये) की गिरावट आई, जिससे कीमत 2,11,729 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दाम टूटे हैं। स्पॉट गोल्ड 3.80% गिरकर 4,320.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो लगातार नौ सत्रों से गिरावट का संकेत दे रहा है।

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रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, तेल बना बड़ा कारण
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की। डॉलर के मुकाबले रुपया 93.84 के स्तर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Brent Crude 112.95 डॉलर प्रति बैरल और WTI Crude 101.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

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भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर रुपये पर पड़ा है।

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क्यों गिरे सोना-चांदी?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है।

  • केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका
  • डॉलर की मजबूती
  • बॉन्ड यील्ड में उछाल
  • निवेशकों का सुरक्षित निवेश से भी बाहर निकलना
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आमतौर पर संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार डॉलर मजबूत होने के कारण निवेशक सोने से पैसा निकालकर डॉलर में निवेश कर रहे हैं।

शेयर बाजार में भी बिकवाली
BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में शुरुआती कारोबार में करीब 2-2% की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा लगातार भारतीय बाजार से पूंजी निकाले जाने के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

निवेशकों के लिए चेतावनी संकेत
मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता का असर आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।विशेषज्ञों की मानें तो निवेशकों को इस समय सतर्क रहकर निर्णय लेने की जरूरत है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी जारी रह सकता है।

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