झारखंड बंद 15 अक्टूबर: माओवादियों के विरोध के बीच पुलिस अलर्ट
रांची: झारखंड में माओवादी संगठन के ‘प्रतिरोध सप्ताह’ के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने 8 अक्टूबर से ‘प्रतिरोध सप्ताह’ की घोषणा की है और 15 अक्टूबर को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बंद के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं।
माओवादी संगठन ने बुलाया 15 अक्टूबर का बंद
माओवादी संगठन के इस बंद का उद्देश्य विरोध प्रदर्शन करना है। हालांकि पुलिस ने इसे लेकर पूरी तरह से तैयारियां कर ली हैं। महानिरीक्षक (संचालन) माइकल राज ने कहा कि सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।
राज्य पुलिस और केंद्रीय बल अलर्ट मोड में
इस बंद के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 12 बटालियन, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) और भारतीय आरक्षित वाहिनी (आईआरबी) की 20 टीमें तैनात की गई हैं। उनका कार्य संवेदनशील स्थानों, सरकारी कार्यालयों और यातायात मार्गों की सुरक्षा करना होगा।
संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा उपाय
राज्य पुलिस ने बताया कि रेलवे और सड़क नेटवर्क सहित राज्य के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। साथ ही बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से जुड़े जिलों में भी संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारी की गई है।
जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना किसी डर के अपनी सामान्य गतिविधियां जारी रखें। अधिकारियों का कहना है कि हालिया तलाशी अभियान और माओवादियों के आत्मसमर्पण ने उनके प्रभाव को सीमित कर दिया है। वर्तमान में उनकी उपस्थिति मुख्य रूप से सारंडा जंगल, लातेहार और चतरा के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है।
15 अक्टूबर को होने वाले बंद के मद्देनजर सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें। राज्य प्रशासन ने कहा है कि शांति और सामान्य जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया गया है।






