खूंटी में जमीन विवाद में हुई थी पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या, पुलिस ने 7 अभियुक्तों को दबोचा
खूंटी/रांची: पड़हा राजा और आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के मामले में खूंटी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसपी मनीष टोप्पो ने खुलासा किया है कि यह हत्या जमीन विवाद के कारण कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों और मुख्य शूटर की तलाश में छापेमारी लगातार जारी है।
एसपी मनीष टोप्पो के अनुसार, हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए तोरपा एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और गिरफ्तार आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने कहा कि यह घटना पूर्व नियोजित थी और इसमें जमीन पर कब्जे से जुड़े तत्व शामिल हैं।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में जियारप्पा गांव के बाहा मुंडा (29), देवा पाहन (63), अनिश मुंडा (31), रविया पाहन उर्फ रवि (39), रमेश्वर संगा उर्फ रमेश (25) तथा बिकुवादाग गांव के पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित (45) शामिल हैं। वहीं, रांची के किशोरगंज स्थित पालकोट हाउस के देवव्रत नाथ शाहदेव को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि देवव्रत नाथ शाहदेव पर रांची के कांके थाना में आर्म्स एक्ट के तहत पूर्व में मामला दर्ज है।
एसपी ने बताया कि जियारप्पा गांव में 3.16 एकड़ जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था। इसी जमीन पर पड़हा मेला का आयोजन किया जाता रहा है। पुलिस के अनुसार 20 नवंबर से 27 नवंबर के बीच कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा जमीन का समतलीकरण किया जा रहा था और वहां बाउंड्री वॉल निर्माण की तैयारी भी शुरू थी।
इसी बीच पड़हा समिति को गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद 3 जनवरी को सोमा मुंडा के नेतृत्व में उस जमीन पर पत्थलगड़ी की गई। पुलिस का कहना है कि इससे भू-माफिया और संबंधित समूहों को यह आशंका हुई कि जमीन पर कब्जे की उनकी योजना विफल हो सकती है। इसी वजह से सोमा मुंडा को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई और उनकी हत्या करवा दी गई।
गौरतलब है कि 7 जनवरी की शाम खूंटी के जमुवादाग तालाब के पास सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। हत्या के अगले दिन शव के साथ खूंटी जाम कर दिया गया था और पूरे दिन बाजार बंद रहे थे। कई संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि 16 जनवरी तक गिरफ्तारी नहीं होती तो 17 जनवरी को झारखंड बंद बुलाया जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी पहचान हो चुकी है। पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। हालांकि इस मामले का मुख्य शूटर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।








