राज्यपाल संतोष गंगवार ने बच्चों से संवाद कर भरी देशभक्ति की ऊर्जा
बच्चों से संवादसंजय सेठ और सीडीएस अनिल चौहान भी रहे शामिल
भारतीय सेना सिर्फ सीमाओं की नहीं, भविष्य की भी रक्षा करती है – राज्यपाल
रांची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भारतीय सेना केवल हमारी सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करती, बल्कि हमारे सपनों और भविष्य की भी रक्षा करती है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि जीवन में चाहे जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ें—सैनिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या वैज्ञानिक बनें—सबसे पहले अच्छे इंसान और सच्चे देशभक्त नागरिक बनें।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित पेंटिंग्स को बताया देशप्रेम का प्रतीक
राज्यपाल ने छात्रों द्वारा बनाई गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित पेंटिंग्स की सराहना करते हुए कहा कि ये केवल चित्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के हृदय में बसे देशप्रेम और वीर जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब ये चित्र सैनिकों तक पहुँचेंगे तो उन्हें प्रेरणा और ऊर्जा मिलेगी।
झारखंड की वीरता और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की धरती सदैव वीरता और बलिदान की भूमि रही है। यह वही भूमि है जहाँ से स्वतंत्रता सेनानी और परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का जैसे वीर सपूत निकले। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में सेना में जाने की गहरी रुचि है और यह पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।

‘बच्चे ही विकसित भारत के ब्रांड एम्बेसडर हैं’ – संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अवसर पर कहा कि बच्चे ही विकसित भारत के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने बताया कि 36 विद्यालयों के विद्यार्थी इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और उनकी बनाई पेंटिंग्स सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य को नमन करने का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में 50,000 बच्चों तक पहुँचने की योजना है।
सीडीएस अनिल चौहान ने साझा की प्रेरक कहानी
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सेना में प्रवेश भाई-भतीजावाद से नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर कोई भारत की असली विविधता को समझना चाहता है, तो सेना से समझ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सेना केवल युद्ध के समय ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में भी जनता की रक्षा और सेवा करती है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीति और नवाचार पर खास चर्चा
सीडीएस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अभियान में हमारी सटीक रणनीति, वैज्ञानिक गणना और तकनीकी कौशल का समन्वय रहा। उन्होंने कहा कि सेना सदैव सुनिश्चित करती है कि किसी भी कार्रवाई में निर्दोष नागरिकों को क्षति न हो। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि सफलता केवल उच्च आईक्यू से नहीं मिलती, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता, टीम-वर्क और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति से ही संभव है।
राजभवन में आयोजित इस “बच्चों से संवाद” कार्यक्रम ने न सिर्फ बच्चों में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया, बल्कि उन्हें सेना और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित भी किया। राज्यपाल, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और सीडीएस की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।








