रांची में चर्च थीम वाला दुर्गा पूजा पंडाल विवादों में, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
78 लाख की लागत से बना वेटिकन सिटी थीम का पंडाल, विरोध के बाद हटाए जा रहे ईसाई प्रतीक
रांची: राजधानी रांची में इस बार दुर्गा पूजा के एक पंडाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रातु रोड स्थित आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब ने इस साल अपना पंडाल वेटिकन सिटी की रोमन कैथोलिक चर्च थीम पर बनाया है। 78 लाख रुपये की लागत से बने इस पंडाल की भव्यता देखने लायक है, लेकिन इसी थीम को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और विरोध
पंडाल के बाहर व अंदर ईसाई धर्म से जुड़े प्रतीक, मूर्तियां और पोस्टर लगाए गए हैं। जैसे ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, लोगों ने इसे हिंदू आस्था और परंपरा से खिलवाड़ बताते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया। हिंदू संगठनों का कहना है कि दुर्गा पूजा पंडाल को चर्च का रूप देना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है और “इंडी गठबंधन” की साजिश हो सकती है।
ईसा मसीह और मदर मैरी की तस्वीरें हटाई जा रहीं
विवाद और विरोध के बाद अब पंडाल के अंदर लगाई गई ईसा मसीह, मदर मैरी और कैथोलिक धर्मगुरुओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं। आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि कला के माध्यम से विविधता दिखाना था।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का पंडाल दौरा
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी शुक्रवार को रांची के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा किया। सबसे पहले वे हरमू पंच मंदिर दुर्गा पूजा समिति के पंडाल पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। सीएम ने देवी दुर्गा के दरबार में मत्था टेककर झारखंडवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से समाज में अच्छाई की विजय होती है और लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराएं हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं, जिन्हें हमें मिलकर आगे बढ़ाना होगा।”

रातु रोड पंडाल का अनावरण
मुख्यमंत्री इसके बाद रातु रोड स्थित आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब के पंडाल पहुंचे। यहां भी उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्यवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। हालांकि, पंडाल के थीम को लेकर विवाद का जिक्र उन्होंने नहीं किया।
भक्तिमय माहौल और श्रद्धालुओं का उत्साह
दोनों पंडालों में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जगह-जगह रंग-बिरंगी रोशनी और कलात्मक सजावट ने माहौल को और भी भव्य बना दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया, वहीं युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
हरमू और रातु रोड के इन पंडालों की गिनती रांची के प्रमुख पूजा स्थलों में होती है। यहां न केवल स्थानीय लोग बल्कि आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान शहर में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूजा समितियों के सहयोग से ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक संवेदनशीलता
झारखंड में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी है। यहां पूजा पंडालों की भव्यता, कलाकारों की प्रतिभा और लोगों की सहभागिता इसे खास बनाती है।
लेकिन इस बार रांची के इस “चर्च थीम” वाले पंडाल ने यह भी दिखा दिया कि धार्मिक विषयों पर कला और प्रयोग करते समय समाज की भावनाओं को समझना और संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।

मुख्यमंत्री की प्रार्थना और संदेश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि वे मां दुर्गा से प्रार्थना करते हैं कि झारखंड के लोग हमेशा स्वस्थ, संपन्न और खुशहाल रहें। उन्होंने सभी से शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की।








