बीसीसीएल आउटसोर्सिंग में फिर हादसा: सिंह नेचुरल कंपनी में मलबा धंसने से मजदूर की मौत, दो घायल; मुआवजा और नौकरी पर हुआ समझौता

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धनबाद: बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों में सुरक्षा लापरवाही एक बार फिर मजदूरों की जान पर भारी पड़ी है। रविवार को पीबी एरिया (एरिया-07) के अंतर्गत केरकेंद्र स्थित सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग कंपनी में मलबा धंसने (OB Landslide) की भयावह घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान दीपक पंडित के रूप में हुई है, जबकि घायलों में डीजल टैंकर चालक गणेश महतो और उपचालक किशोर महतो शामिल हैं। दोनों घायलों को नाजुक हालत में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।

मलबा धंसने से हुआ हादसा
रविवार दोपहर जब खान क्षेत्र में मलबा (ओवरबर्डन) हटाने का कार्य चल रहा था, तभी अचानक मलबा धंस गया। दीपक पंडित और अन्य मजदूर उस समय कार्य क्षेत्र में ही मौजूद थे। देखते ही देखते भारी मलबे में दीपक दब गया। साथी मजदूरों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। मजदूरों में गुस्सा और भय दोनों देखा गया।

गेट पर शव रखकर प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मजदूर और परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने मृतक का शव कंपनी गेट के सामने रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों की मांग थी कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को नौकरी दी जाए। घटना की जानकारी मिलने पर पुटकी थाना पुलिस और मुनिडीह ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

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कंपनी और प्रशासन से हुई वार्ता
करीब दो घंटे चले धरना-प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में कंपनी की ओर से मृतक परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा, 1 लाख रुपये अंतिम संस्कार के लिए, और आश्रित को नौकरी देने पर सहमति बनी। कंपनी ने तत्काल 6 लाख रुपये नकद और 10 लाख का चेक परिजनों को सौंप दिया। मृतक के पिता शंभु पंडित ने कहा, “बेटे की मौत से परिवार टूट गया है, लेकिन कंपनी ने मुआवजा और नौकरी देने का वादा निभाया है।”

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स्थानीय यूनियन ने जताया आक्रोश
इधर, यूनियन प्रतिनिधि भोला सिंह ने इस हादसे के लिए आउटसोर्सिंग कंपनी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,
“कंपनियां उत्पादन बढ़ाने की होड़ में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। यदि समय रहते सतर्कता बरती जाती तो दीपक की जान बचाई जा सकती थी। हर महीने किसी न किसी खदान में मजदूर हादसे का शिकार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन चुप है।”

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कंपनी प्रबंधक ने कहा – दुर्भाग्यपूर्ण घटना
सिंह नेचुरल कंपनी के प्रबंधक प्रमोद सिंह ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा,
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मृतक के परिवार को हर संभव सहायता दी जा रही है। मुआवजा और नियोजन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।”

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उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा की जाएगी।

पुलिस ने की पुष्टि
पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया,
“मलबा धंसने से एक मजदूर की मौत और दो के घायल होने की सूचना है। कंपनी ने मुआवजा और नौकरी देने की बात लिखित रूप से मान ली है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।”

बीसीसीएल आउटसोर्सिंग में हादसों का सिलसिला जारी
यह कोई पहली घटना नहीं है जब बीसीसीएल के अधीन आउटसोर्सिंग कंपनी में मजदूरों की जान गई हो। सुरक्षा उपकरणों की कमी, कार्यस्थल पर अपर्याप्त निरीक्षण और गैर-प्रशिक्षित मजदूरों की तैनाती लगातार सवाल खड़े कर रही है।
बीसीसीएल प्रशासन भले ही हर हादसे के बाद जांच की बात करता हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता।

सिंह नेचुरल कंपनी में मलबा धंसने की यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि कोयला बेल्ट में सुरक्षा से ज्यादा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। मजदूरों की सुरक्षा केवल कागजों में रह गई है। दीपक पंडित की मौत और दो मजदूरों की गंभीर चोट ने यह सवाल फिर से उठाया है कि आखिर कब तक बीसीसीएल के अधीन आउटसोर्सिंग कंपनियां “जोखिम भरे कामों में सुरक्षा मानकों” की अनदेखी करती रहेंगी?

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