रैपर बादशाह के ‘टटीरी’ गीत पर विवाद, पंचकूला में प्राथमिकी दर्ज; महिला आयोग ने तलब किया
मुनादी लाइव: हरियाणवी लोकधुन पर आधारित नए गीत ‘टटीरी’ को लेकर प्रसिद्ध गायक और रैपर बादशाह विवादों में घिर गए हैं। गीत के कुछ शब्दों और दृश्यों को लेकर हरियाणा के पंचकूला में आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसके बाद साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे मामले ने सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
यह गीत पहली मार्च को प्रकाशित हुआ था और कुछ ही दिनों में इसे लाखों लोगों ने सुना और देखा। इंटरनेट मंचों पर इसे लाखों बार देखा जा चुका है। हालांकि लोकप्रियता के साथ ही इस गीत के कुछ अंशों को लेकर लोगों के बीच असंतोष भी सामने आया है।
गीत के दृश्यों और शब्दों पर उठी आपत्ति
पंचकूला के चंडी मंदिर क्षेत्र के निवासी अभय चौधरी ने इस संबंध में साइबर अपराध थाने में शिकायत दी। शिकायत में कहा गया है कि गीत में विद्यालय की वर्दी पहनी हुई बालिकाओं को दिखाया गया है और उनके साथ ऐसे संवाद तथा पंक्तियाँ प्रयुक्त की गई हैं जिन्हें समाज के लिए अनुचित माना जा रहा है।
शिकायत के अनुसार गीत की एक पंक्ति — “आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने” — को लेकर विशेष आपत्ति व्यक्त की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की पंक्तियाँ विद्यालय की वर्दी में दिखाई गई बालिकाओं के साथ जोड़कर प्रस्तुत की गई हैं, जिससे समाज में गलत संदेश प्रसारित होता है।
इसके अतिरिक्त गीत में “पाठशाला” शब्द को “बैडशाला” के रूप में प्रस्तुत करने पर भी लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विद्यालय जैसे पवित्र और ज्ञान के केंद्र को इस प्रकार दिखाना शिक्षा और संस्कृति के प्रति असम्मान को दर्शाता है।
गीत के प्रसार पर रोक लगाने की मांग
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस गीत के प्रसार को तुरंत रोका जाए और यदि जांच में आपत्तिजनक सामग्री की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस प्रकार की सामग्री समाज में विशेषकर युवाओं के बीच गलत सोच को बढ़ावा दे सकती है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस पूरे मामले पर Haryana State Commission for Women ने भी संज्ञान लिया है। पानीपत की सामाजिक संस्था “नारी तू नारायणी उत्थान समिति” और “शिव आरती इंडिया फाउंडेशन” की शिकायत पर आयोग ने नोटिस जारी किया है।
आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने गायक बादशाह को 13 मार्च को पानीपत स्थित उपायुक्त कार्यालय के सभागार में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे गीत राज्य की सांस्कृतिक छवि को धूमिल करते हैं। उन्होंने कहा कि गीत में दिखाई गई बस और विद्यालय की भी पहचान की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दृश्यांकन की अनुमति किस प्रकार दी गई।
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कहा है कि यदि किसी गीत में समाज की मर्यादा के विरुद्ध सामग्री पाई जाती है तो उस पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
सामाजिक विमर्श का विषय बना विवाद
इस विवाद के बाद समाज में मनोरंजन और सांस्कृतिक मर्यादा के संतुलन पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, जबकि अन्य का कहना है कि कला और मनोरंजन के नाम पर समाज की गरिमा और महिलाओं की प्रतिष्ठा को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच और महिला आयोग की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस विवाद का अंतिम परिणाम क्या होगा।








