मुख्यमंत्री ने की राज्य में विधि-व्यवस्था, अवैध माइनिंग और साइबर क्राइम पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

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रांची से अमित: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में राज्य की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अवैध माइनिंग, मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और साइबर क्राइम पर नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सुनियोजित अपराध पर रोकथाम के लिए पुलिस को प्रभावी योजना बनानी चाहिए। चिन्हित अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, “पुलिस का भय अपराधियों के भीतर होना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि अपराधी कानून से डरें और समाज में पुलिस का प्रभाव स्पष्ट दिखे।”

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पिछले तीन वर्षों में अपराध दर में कमी : अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में कई प्रकार के अपराधों में कमी आई है। दहेज हत्या, सामान्य हत्या, और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। खासकर पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, गिरिडीह, और धनबाद जिलों में फोकस कर कार्रवाई की गई है।

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अवैध मादक पदार्थों के व्यापार पर रोकथाम के लिए विशेष अभियान : मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने जोर दिया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। खासकर स्कूल और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए।

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अफीम की खेती पर कड़ी नजर : मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों में होने वाली अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए वन विभाग और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती से प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित थाना प्रभारी, चौकीदार, और वनकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि कोई कर्मचारी अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रहा है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जनजागरूकता पर जोर :मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को यह समझाना जरूरी है कि अफीम या अन्य नशीले पदार्थों की खेती और व्यापार कानूनन जुर्म है। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि नशीले पदार्थों की खेती से प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्रवाई करें।

साइबर अपराध: बड़ी चुनौती, मजबूत रणनीति तैयार करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध को राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झारखंड साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया जाए और साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जाए।

तकनीकी संसाधनों का उपयोग करें : मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को टेक्निकल सेल का गठन करने और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का उपयोग जरूरी है।

‘प्रतिबिंब ऐप’ की सफलता : अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि ‘प्रतिबिंब ऐप’ के जरिए अब तक 330 साइबर अपराधियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। 1,281 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और 3,493 सिम कार्ड और 2,524 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

अवैध माइनिंग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश : मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध माइनिंग गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अवैध माइनिंग न केवल राज्य की छवि को धूमिल करता है, बल्कि नदियों के अस्तित्व को भी खतरे में डालता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बालू और मिट्टी के अवैध उठाव पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

नदियों के अस्तित्व की रक्षा पर जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों से अवैध बालू और मिट्टी का उठाव उनके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित कर रहा है। इससे नदियों का अस्तित्व खतरे में है। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध माइनिंग पर रोक लगाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाए और इसे सख्ती से लागू किया जाए।

अग्निशमन सेवा और पुलिस बल को सुदृढ़ करें : मुख्यमंत्री ने राज्य में अग्निशमन सेवा को सुदृढ़ करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए आवश्यक उपकरणों, वाहनों और हथियारों की खरीद प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

जेल प्रबंधन की समीक्षा : मुख्यमंत्री ने जेलों में कैदियों को दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा करने और उनके लिए बेहतर भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कैदियों को अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए सरकारी अधिवक्ता की सुविधा देने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, डीजीपी अनुराग गुप्ता, गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद लाटकर, आईजी ऑपरेशन एवी होमकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में विधि-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध पर लगाम लगाने, और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता झारखंड को एक सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक को न्याय और सुरक्षा मिले।

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